Unmarried CM: भारतीय राजनीति में कई ऐसे नेता हुए हैं जिन्होंने निजी जीवन के बजाय सार्वजनिक जीवन को चुना. उत्तर प्रदेश साफ तौर पर एक ऐसा राज्य है जिसने देश में सबसे प्रभावशाली अविवाहित मुख्यमंत्री दिए हैं. आइए जानते हैं देश के सभी अविवाहित मुख्यमंत्री के बारे में.

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सबसे ज्यादा अविवाहित मुख्यमंत्रियों वाला राज्य 

उत्तर प्रदेश भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पर दो बहुत प्रभावशाली अविवाहित मुख्यमंत्री रहे हैं. इन्होंने लंबे समय तक शासन किया और राष्ट्रीय राजनीति को आकार दिया.  योगी आदित्यनाथ 2017 में मुख्यमंत्री बने और 2026 तक पद पर बने हुए हैं. एक हिंदू संत और गोरखनाथ मठ के महंत, वह उत्तर प्रदेश के पहले अविवाहित पुरुष मुख्यमंत्री हैं. 

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बहुजन समाज पार्टी की संस्थापक मायावती ने चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के रूप में काम किया है. वह राज्य की पहली अविवाहित महिला मुख्यमंत्री हैं. इन महान हस्तियों की वजह से उत्तर प्रदेश को सबसे बड़े अविवाहित मुख्यमंत्री वाले राज्य के रूप में जाना जाता है.

ओडिशा

नवीन पटनायक भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक हैं . उन्होंने 2000 से 2024 तक बिना किसी रूकावट के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और अपने पूरे राजनीतिक जीवन में अविवाहित रहे. नवीन पटनायक ने बार-बार कहा है कि उनकी अविवाहित स्थिति ने ही यह पक्का किया कि उनकी सरकार में वंशवादी राजनीति की कोई गुंजाइश न हो.

पश्चिम बंगाल 

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2011 से पद पर हैं और अविवाहित नेता हैं. अपनी सादगी भरी जीवन शैली के लिए जानी जाने वाली ममता बनर्जी अकेले रहती हैं और उन्होंने खुद को पूरी तरह से राजनीति के लिए समर्पित किया हुआ है. 

तमिलनाडु 

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता भी अविवाहित थीं. उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और दक्षिण भारतीय राजनीति में बड़े नेताओं में से एक बनी. उनकी निजी जिंदगी अक्सर उनके राजनीतिक दबदबे, कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत नेतृत्व शैली की वजह से छिप जाती थी.

हरियाणा, असम और उत्तराखंड 

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और अपने पूरे राजनीतिक जीवन में अविवाहित रहे.  उन्होंने अपने जीवन का ज्यादातर समय आरएसएस प्रचारक के रूप में बिताया. इसी के साथ असम में पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी अविवाहित हैं और साथ ही उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इसी श्रेणी में आते हैं.

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