भारत में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहरों को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में साफ हो गया है कि महिलाओं की सुरक्षा, करियर ग्रोथ और रहने की आजादी के मामले में कौन से शहर सबसे आगे है. खास बात यह है कि इस बार भी दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहर टॉप पोजीशन हासिल नहीं कर पाए हैं. जबकि इस रिपोर्ट में दक्षिण भारत के शहरों ने बाजी मारी है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि दिल्ली-मुंबई नहीं भारत के कौन सा शहर महिलाओं की सुरक्षा में नंबर वन है और पूरी लिस्ट में कौन-कौन से शहर शामिल है. 

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बेंगलुरु बना महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहर 

वर्कप्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की रिपोर्ट टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया के चौथे एडिशन के अनुसार बेंगलुरु महिलाओं के लिए देश का सबसे सुरक्षित और अनुकूल शहर बना है. बेंगलुरु को 53.29 का सिटी इन्क्लूजन स्कोर मिला है. यहां महिलाओं को न सिर्फ सुरक्षा महसूस होती है, बल्कि करियर के बेहतर मौके और वर्क लाइफ बैलेंस भी मिलता है. 

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चेन्नई दूसरे स्थान पर 

TCWI की लिस्ट में चेन्नई दूसरे नंबर पर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार चेन्नई ने सेफ्टी पब्लिक सर्विस ट्रांसपोर्ट हेल्थ और एजुकेशन जैसे सामाजिक पैमानों पर अच्छा प्रदर्शन किया है. वहीं महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सुरक्षित माहौल के कारण यह शहर लगातार टॉप रैंकिंग में बना हुआ है. 

पुणे और हैदराबाद भी टॉप-5 में 

इस रिपोर्ट में तीसरे स्थान पर पुणे हैं, जबकि चौथे नंबर पर हैदराबाद में जगह बनाई है. इन दोनों शहरों में महिलाओं के लिए रहने की सुविधा रोजगार, भागीदारी और इंडस्ट्री सपोर्ट को जरूरी माना गया है. हैदराबाद में खासतौर पर महिलाओं के लिए जॉब्स और वर्कप्लेस रिप्रेजेंटेशन बेहतर बताया गया है. 

मुंबई टॉप फाइव में शामिल 

इस लिस्ट में मुंबई टॉप-5 में जरूर शामिल है, लेकिन इसे पांचवा स्थान मिला है. रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में रोजगार के मौके तो काफी है, लेकिन महंगा रहन-सहन और इंफ्रास्ट्रक्चर महिलाओं के लिए अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. 

एनसीआर से सिर्फ गुरुग्राम शामिल 

दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में जॉब्स की भरमार है, लेकिन सुरक्षा अफॉर्डेबिलिटी और मोबिलिटी के मामलों में यह शहर पीछे रह गए हैं. वर्कप्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की रिपोर्ट में टॉप-10 शहरों में एनसीआर से सिर्फ गुरुग्राम शामिल हो पाया है, जो इस बार छठे स्थान पर रहा है. हालांकि पिछले साल के मुकाबले गुरुग्राम में तीन पायदान के छलांग लगाई है. 

कोलकाता, अहमदाबाद और कोयंबटूर भी लिस्ट में शामिल 

इस लिस्ट में सातवें नंबर पर कोलकाता रहा  है, जिसने सेफ्टी के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है. वहीं अहमदाबाद को आठवां स्थान मिला है, जहां महिलाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्रियल सपोर्ट मजबूत माना गया है. इसके अलावा कोयंबटूर ने दसवें स्थान पर अपनी जगह बनाई है, जहां स्ट्रीट लाइट ऑडिट जैसे कदमों से देर रात काम और सफर को ज्यादा सुरक्षित बनाया गया है. 

कैसे तय होती है रैंकिंग?

इस रिपोर्ट में 125 भारतीय शहरों को शामिल किया गया है और रैंकिंग सिटी इंक्लूजन स्कोर के आधार पर की गई है. वहीं रिपोर्ट के लिए सिटी इन्क्लूजन स्कोर दो हिस्सों में बंटा होता है. जिसमें सोशल इंक्लूजन स्कोर यानी सुरक्षा, रहने की सुगमता, हेल्थ और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे पैमाने देखे जाते हैं. वहीं इंडस्ट्रियल इंक्लूजन स्कोर में महिलाओं के लिए जॉब्स, महिलाओं के लिए अनुकूल कंपनियों और करियर सपोर्ट देखा जाता है.

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