Toll Free Countries: पूरी दुनिया में हाईवे पर टोल टैक्स देना सफर का एक अहम हिस्सा होता है. लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां पर ड्राइवर बिना कोई टोल शुल्क दिए सड़कों और एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकते हैं. इन देशों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर का रखरखाव सरकारी फंडिंग, इनकम टैक्स या मजबूत राष्ट्रीय राजस्व के जरिए किया जाता है. आइए जानते हैं कौन से हैं वे देश.

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खाड़ी और एशियाई देश 

कई खाड़ी और एशियाई देशों में सड़क ज्यादातर टोल मुक्त होती हैं. कुवैत और ओमान जैसे देशों में सड़कों का नेटवर्क पूरी तरह से  मुफ्त है. यहां बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे पर भी कोई भी भुगतान करने की जरूरत नहीं होती. सऊदी अरब ने पहले टोल सिस्टम शुरू करने पर विचार किया था लेकिन वे योजनाएं अभी भी रुकी हुई हैं. 

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बहरीन देश के अंदर मुफ्त आवाजाही की अनुमति देता है लेकिन सऊदी अरब से जोड़ने वाले कॉजवे पर ही शुल्क लेता है. इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात थोड़ा अलग मॉडल अपनाता है. जहां ज्यादातर अमीरात मुफ्त सड़कें देता है वहीं दुबई ने सालिक नाम का एक इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम शुरू किया है. लेबनान, सीरिया, तुर्कमेनिस्तान और यमन जैसे दूसरे देश भी टोल टैक्स नहीं लगाते हैं.

क्या है यूरोप की स्थिति? 

यूरोप में कई देश सीधे टोल इकट्ठा करने के बजाय टैक्स के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड देकर टोल मुक्त सड़क सिस्टम बनाए रखते हैं. फिनलैंड इसका एक सबसे बेहतरीन उदाहरण है. यहां हाईवे पूरी तरह से  सार्वजनिक फंड से बनाए और रखे जाते हैं. इससे टोल की जरूरत खत्म हो गई है. मोनाको और लिकटेंस्टीन जैसे छोटे देश भी अपने छोटे आकार की वजह से सड़कों का पूरी तरह से मुफ्त इस्तेमाल करने की सुविधा देते हैं. 

टोल मुक्त यात्रा की सुविधा देने वाले दूसरे क्षेत्र 

एशिया और यूरोप के बाहर कुछ द्विपीय देश और छोटे देश भी नो टोल नीति का पालन करते हैं. बहामास और केमैन आइलैंड्स ड्राइवरों को बिना कोई सड़क इस्तेमाल शुल्क दिए यात्रा करने की अनुमति देते हैं. इससे वहां के निवासियों और पर्यटकों के लिए परिवहन आसान हो जाता है. इसी तरह भूटान भी अपनी सड़कों पर टोल टैक्स नहीं लगाता है.

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