देश की राजधानी दिल्ली अपने इतिहास, विरासत और पुरानी इमारत के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं. राजधानी में मौजूद किले, मस्जिद और पुराने स्मारक बीते समय की कहानी अपने अंदर समेटे हुए हैं. इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में एक नाम पुराना किले का भी आता है. दिल्ली के सबसे पुराने किले में गिने जाने वाला यह किला मुगल और अफगान काल की निशानी माना जाता है. इसकी ऊंची दीवारों बड़े दरवाजे और अंदर बनी ऐतिहासिक इमारतें आज भी लोगों को उसे दौर की याद दिलाती है. यही वजह है कि यह जगह इतिहास के लिए और पर्यटकों के बीच खास पहचान रखती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि हुमायूं की मौत जिस किले से गिरकर हुई थी, अब यह जगह कहां मौजूद है?
कहां मौजूद है हुमायूं की मौत वाली जगह?
इतिहासकारों के अनुसार, 27 जनवरी 1956 को मुगल बादशाह हुमायूं अपनी लाइब्रेरी की सीढ़ियों से उतर रहे थे. उस दौरान उन्हें अजान की आवाज सुनाई दी. जिसके बाद वह सम्मान में रुककर झुकने लगे, लेकिन उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीढ़ियों से गिर पड़े. सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई थी. हुमायूं की मौत राजधानी दिल्ली में स्थित पुराने किले में हुई थी. वहीं, हुमायूं की मौत की घटना मुगल इतिहास का बड़ा मोड़ साबित हुई थी. हुमायूं की मौत के बाद उनके बेटे अकबर ने गद्दी संभाली और आगे चलकर साम्राज्य को मजबूत किया.
किसने बनवाया था पुराना किला?
16वीं सदी में इस किले का निर्माण शुरू हुआ था. हुमायूं ने यहां अपनी नई राजधानी दीनपनाह बसाने की योजना बनाई थी. बाद में अफगान शासक शेरशाह सूरी ने किले पर कब्जा किया और इसमें कई नई इमारतें जुड़ गईं. किले की बनावट में अफगानी और भारतीय शैली का असर देखने को मिलता है. इसकी मजबूत और ऊंची दीवारों आज भी उस समय की कला और तकनीकी को दर्शाती है. वहीं पुराना किला करीब 2 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है. इसकी दीवारें लगभग 18 मीटर ऊंची है. यह यहां तीन मुख्य दरवाजे हुमायूं गेट, तलाकी गेट और बड़ा दरवाजा है. किले के अंदर किला-ए-कुहना मस्जिद और शेर मंडल जैसी इमारतें मौजूद हैं. यहां एक झील भी है, जहां लोग घूमने आते हैं. वहीं शाम के समय में यहां साउंड एंड लाइट शो भी होता है, जिसमें किले का इतिहास दिखाया जाता है.
पुराने किले तक कैसे पहुंचे?
पुराना किला दिल्ली के मथुरा रोड पर स्थित है और दिल्ली चिड़ियाघर के पास है. यहां पहुंचने के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशन सुप्रीम कोर्ट है. मेट्रो से उतरने के बाद ऑटो या बस के जरिए किले तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. वहीं यह किला सुबह से शाम तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है और यहां एंट्री के लिए टिकट लिया जाता है.
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