India Israel Defense: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इजरायल जाने वाले हैं. ऐसा माना जा रहा है कि डिफेंस कोऑपरेशन बातचीत का मुख्य फोकस हो सकता है. पिछले दो दशकों में इजरायल भारत के टॉप डिफेंस पार्टनर्स में से एक बन चुका है. यह एडवांस मिसाइल, ड्रोन, सर्विलांस सिस्टम और इन्फेंट्री हथियार सप्लाई करता है. दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक रिश्ते लगातार गहरे हुए हैं. आईए जानते हैं उन बड़े हथियारों और डिफेंस सिस्टम के बारे में जिन्हें भारत इजराइल से खरीदता है या लेने की योजना बना रहा है.

Continues below advertisement

मिसाइल और प्रिसिजन गाइडेड हथियार 

भारत स्पाइस 1000 प्रिसिजन गाइडेड बम की लगभग 1000 यूनिट खरीदने वाला है. ये एडवांस्ड एयर ड्रॉप्ड हथियार हैं जिनकी स्ट्राइक रेंज 100 किलोमीटर तक है. वे इलेक्ट्रो ऑप्टिकल गाइडेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं. इससे जीपीएस डिनाइंड माहौल में भी हाई एक्यूरेसी मिलती है. 

Continues below advertisement

रैम्पेज मिसाइल एक और बड़ी खरीद है. यह एक सुपरसोनिक एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल है जिसकी रेंज 150 से 200 किलोमीटर के बीच है. डीप स्ट्राइक मिशन के लिए इस मिसाइल को डिजाइन किया गया है. यह एयरक्राफ्ट को सुरक्षित दूरी से हाई वैल्यू टारगेट को हिट करने में मदद करती है. भारत Air LORA मिसाइल पर भी विचार कर रहा है.  यह एक एयर लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल है जो 400 किलोमीटर दूर तक के टारगेट पर हमला करने में सक्षम है. यह सिस्टम स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक क्षमता को काफी बढ़ाता है.

एक आइस ब्रेकर मिसाइल का भी प्रस्ताव दिया गया है. यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गाइड क्रूज मिसाइल है, जिसकी रेंज लगभग 300 किलोमीटर है. इसके अलावा खबर है कि इजराइल ने भारत को गोल्डन होराइजन का ऑफर दिया है. यह 1000 से 2000 किलोमीटर के बीच की रेंज वाली एक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है. 

इन्फेंट्री वेपंस और स्मॉल आर्म्स 

स्मॉल आर्म्स कैटेगरी में भारत ने इजराइल वेपन इंडस्ट्रीज द्वारा बनाई गई नेगेव लाइट मशीन गन्स के लिए एक बड़ा ऑर्डर दिया है.  40000 नेगेव एमजी का पहला बैच जल्द ही डिलीवर होने की उम्मीद है. इसी के साथ इंडियन आर्मी के लिए 4,25,000 क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन की एक बड़ी डील आखिरी स्टेज में है. भारत अपनी पुरानी बंदूकों में इजरायली अर्बेल टेक्नोलॉजी को मिलने पर भी विचार कर रहा है.

ड्रोन और सर्विलांस सिस्टम 

अनमैन्ड एरियल सिस्टम भारत इजराइल रक्षा सहयोग का एक बड़ा आधार है. भारत लंबे समय से इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्री द्वारा डेवलप किए गए हेरॉन सर्विलांस ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. हेरॉन का इस्तेमाल ऊंचाई पर टोही और बॉर्डर मॉनिटरिंग के लिए किया जाता है. भारत हारोप लाइटरिंग म्यूनिशन भी ऑपरेट करता है. इसे अक्सर सुसाइड ड्रोन कहा जाता है. एक जरूरी ज्वाइंट डेवलपमेंट दृष्टि 10 स्टारलाइनर ड्रोन है. यह इजरायली हर्मिस 900 प्लेटफार्म पर आधारित है.

एयर डिफेंस सिस्टम 

भारत और  इजरायल के बीच सबसे जरूरी जॉइंट प्रोजेक्ट्स में से एक बराक 8 एयर डिफेंस सिस्टम है. इस मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल और लॉन्ग रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल के नाम से जाना जाता है. इसे भारत की डिफेंस रिसर्च एजेंसी और इजरायली पार्टनर्स ने मिलकर डेवलप किया है. भारत स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम भी ऑपरेट करता है जो एक शर्ट रेंज प्लेटफार्म है. इस हवाई खतरों का तेजी से और कुशलता से मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है.

ये भी पढ़ें: ईरान के पास अमेरिका के कितने एयरबेस, कहां-कहां तैनात हो चुकी है ट्रंप की सेना