Love During Mughal Era: मुगल साम्राज्य को उसके शानदार किलों, आलीशान महलों और काफी ज्यादा धन-दौलत के लिए याद किया जाता है. लेकिन शाही परिवार के अंदर राजकुमारियों की जिंदगी अक्सर उतनी शानदार नहीं होती थी. सम्राट अकबर के शासनकाल के बाद राजनीतिक वजहों और उत्तराधिकार से जुड़ी चिंताओं की वजह से मुगल राजकुमारी की शादी करने को आमतौर पर हतोत्साहित किया जाता था. यही वजह है कि किसी राजकुमारी के किसी प्रेम संबंध की अफवाह को भी साम्राज्य की प्रतिष्ठा और स्थिरता के लिए खतरा माना जाता था. कुछ ऐतिहासिक कहानियों में कई ऐसी घटनाओं का जिक्र है जिनमें प्रेमियों को बेरहम सजा का सामना करना पड़ा था.
मुगल राजकुमारियों की शादी करने को क्यों हतोत्साहित किया जाता था?
कई शाही राजवंशों के उलट मुगल सम्राटों ने धीरे-धीरे शाही राजकुमारियों को बिना शादी के रखने की एक अनौपचारिक प्रथा अपना ली थी. इतिहासकारों का ऐसा मानना है कि इसके पीछे की मुख्य वजह राजनीतिक थी. दरअसल अगर कोई मुगल राजकुमारी किसी शक्तिशाली रईस या फिर क्षेत्रीय शासक से शादी करती तो उसका पति सिंहासन पर प्रभाव जमाने की कोशिश कर सकता था या फिर उत्तराधिकार के विवादों में शामिल हो सकता था.
इसके पीछे की एक और वजह मुगल राजवंश के सर्वोच्च दर्जे में शाही विश्वास था. सम्राट खुद को अपने समय के सबसे ऊंचे दर्जे के शासकों में से एक मानते थे. उनका ऐसा मानना था कि शायद ही कोई ऐसा परिवार था जिसे वे सामाजिक रूप से अपने बराबर मानते हों. इस सोच की वजह से मुगल राजकुमारियों की शादियां काफी कम होने लगीं.
जहांआरा बेगम और उनके प्रेमियों की कहानी
सम्राट शाहजहां की सबसे बड़ी बेटी जहांआरा बेगम जीवन भर अविवाहित रहीं. वे मुगल दरबार की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में से एक थीं. उनकी निजी जिंदगी से जुड़े ज्यादातर विवाद फ्रांसीसी यात्री फ्रांस्व बर्नियर की लिखी बातों से आते हैं. यह यात्री 17वीं सदी में भारत आया था.
यात्री के वृतांत के मुताबिक एक बार जहांआरा महल के अंदर एक व्यक्ति से चोरी छिपे मिल रही थी. तभी अचानक वहां पर शाहजहां आ पहुंचे. पकड़े जाने से बचने के लिए वह व्यक्ति कथित तौर पर तांबे की एक बड़ी कढ़ाई में छिप गया. ऐसा कहा जाता है कि सम्राट को इस बात का पता चल गया और सीधे उस व्यक्ति का सामना करने के बजाय उन्होंने कड़ाही के नीचे आग जलाने का आदेश दे दिया. इससे उस व्यक्ति की मौत हो गई.
उस यात्री ने एक और शाही कर्मचारी से जुड़ी एक घटना के बारे में लिखा है. लिखी घटना के मुताबिक शाहजहां ने सार्वजनिक समारोह के दौरान उस शाही कर्मचारी को पान दिया था. ऐसा कहा जाता है कि उस पान में जहर मिला हुआ था और उसे खाने के बाद उस कर्मचारियों की मौत हो गई थी. इन कहानियों पर सदियों से चर्चा होती रही है लेकिन इतिहासकारों का ऐसा कहना है कि यह ज्यादातर बर्नियर की लिखी बातों पर आधारित हैं.
औरंगजेब के शासनकाल में जेब-उन-निसा की कैद
मुगल राजकुमारी जेब-उन-निसा सम्राट औरंगजेब की काफी पढ़ी-लिखी बेटी थी. उन्हें शायरियों का काफी ज्यादा शौक था और वह साहित्य की संरक्षक के तौर पर जानी जाती थी.
ऐसा कहा जाता है कि उन्हें लाहौर के गवर्नर अकील खान से प्यार हो गया था. जब औरंगजेब को इस रिश्ते के बारे में पता चला तो उन्होंने अपनी बेटी को दिल्ली के सलीमगढ़ किले में कैद कर दिया. कहा जाता है कि यहां उन्होंने लगभग 20 साल बिताए.
बाद के कुछ किस्सों में इस बात का भी दावा किया गया है कि अकील खान को पकड़ लिया गया था और हाथी के पैरों तले कुचलकर मार डाला गया. हालांकि इतिहासकार इन कहानियों की सच्चाई पर एकमत नहीं है और उस समय के सीमित सबूतों की वजह से अभी भी बहस जारी है.
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अनारकली की कहानी
सबसे मशहूर मुगल प्रेम कहानी राजकुमार सलीम और दरबार की नर्तकी या फिर दासी अनारकली की है. मशहूर कहानियों के मुताबिक सम्राट अकबर उनके रिश्ते के सख्त खिलाफ थे क्योंकि अनारकली शाही परिवार से नहीं थी. सजा के तौर पर उन्हें ईंटों की दीवार में जिंदा चुनवा देने का आदेश दिया गया था.
हालांकि यह कहानी दक्षिण एशियाई साहित्य और सिनेमा में सबसे मशहूर प्रेम कहानियों में से एक बन गई है लेकिन ज्यादातर इतिहासकार इसे एक ऐतिहासिक घटना के बजाय लोककथा मानते हैं.
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