दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. इसके साथ ही राजनीतिक पार्टियों ने वोर्टस को लुभाने के लिए अलग-अलग योजनाओं का ऐलान किया है. इतना ही नहीं कई पार्टियों ने तो घोषणा भी की है. लेकिन अक्सर मतदाता चुनावी घोषणा और योजनाओं में अंतर नहीं कर पाते हैं. आज हम आपको इसके बीच का अंतर बताएंगे. 

चुनाव से पहले योजनाओं का ऐलान

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने कई योजनाओं की घोषणा की है. जिसमें बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना भी शामिल है, जिसके तहत आम आदमी पार्टी सभी बुजुर्गों का फ्री में इलाज कराएगी. इतना ही नहीं पार्टी ने घोषणा की है कि चुनाव जीतने के बाद दिल्ली के ऑटो चालकों का इंश्योरेंस कराएगी और उनकी बेटियों की शादी में 1 लाख की आर्थिक मदद करेगी. 

चुनाव के वक्त पार्टियां करती हैं घोषणा

आपने चुनाव के देखा होगा कि पार्टियां उम्मीदवार के नाम, योजनाओं की जानकारी देने या मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी भी तरह की जानकारी देने के लिए घोषणा करती हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले लगातार सभी पार्टियां उम्मीदवारों से लेकर योजनाओं और लाभों की घोषणा कर रहे हैं.

योजना और चुनावी घोषणा में अंतर

बता दें कि योजना का अर्थ किसी भी काम को करने से पहले उसका भौतिक या गैरभौतिक रूप से उसका रूपरेखा तैयार करना होता है. वहीं योजना हमेशा भविष्य के लिए होती है. बता दें कि सरकार जब चुनाव से पहले किसी योजना की बात करती है, उसका अर्थ ये होता कि सरकार किसी समस्या को चिन्हित करके उसको सॉल्व करने के लिए उसकी एक रूपरेखा तैयार की है और भविष्य में वो लागू हो सकता है. हालांकि कई बार सरकार बनने के बाद भी योजनाओं को सरकार लागू नहीं करती है और उसके पीछे आर्थिक तौर पर फंड नहीं होने की बात कहती है.

क्या होता है घोषणा

बता दें कि घोषणा हमेशा सार्वजनिक रूप से की जाती है. आसान भाषा में जब पार्टी को किसी भी योजना,बात, संदेश या देश, पार्टी से जुड़ी बातों को देश की जनता तक पहुंचाना होता है, तो पार्टी उसके लिए घोषणा करती है. घोषणा कभी किसी एक या दो व्यक्तियों के लिए नहीं किया जाता है. घोषणा का हमेशा सार्वजनिक रूप से की जाती है. 

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