What If Oxygen Disappears: ऑक्सीजन को हम सब जीवन का आधार मानते हैं. सांस लेने के लिए यह गैस जितनी जरूरी है, पृथ्वी के वजूद के लिए भी इसका महत्व उतना ही बड़ा है. अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि अगर कुछ पलों के लिए हवा से ऑक्सीजन गायब हो जाए, तो क्या होगा. बहुत से लोग सोचते हैं कि 5 सेकंड के लिए सांस रोकने से कुछ नहीं होता, इसलिए दुनिया पर भी कोई खास असर नहीं पड़ेगा. लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है. अगर धरती से सिर्फ 5 सेकंड के लिए भी शत-प्रतिशत ऑक्सीजन गायब हो जाए, तो पूरी दुनिया में ऐसी तबाही मचेगी जिसकी कल्पना करना भी रोंगटे खड़े कर देता है.
कंक्रीट की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह जाएंगी
ऑक्सीजन सिर्फ सांस लेने के काम नहीं आती, बल्कि यह कंक्रीट से बनी संरचनाओं के लिए एक जरूरी बाइंडिंग एजेंट का काम करती है. हमारे आसपास मौजूद सभी बड़ी इमारतें, बांध, पुल और कंक्रीट के मकान बिना ऑक्सीजन के अपनी मजबूती खो देंगे. ऑक्सीजन के अचानक गायब होते ही कंक्रीट के कण एक-दूसरे से अलग हो जाएंगे और दुनिया की सभी ऐतिहासिक इमारतें, गगनचुंबी अपार्टमेंट और बुनियादी ढांचे पल भर में धूल के ढेर में बदल जाएंगे.
दिन में छा जाएगा घोर अंधेरा और फट जाएंगे कान के पर्दे
हवा में मौजूद ऑक्सीजन सूरज की रोशनी को बिखेरने में मदद करती है. इसके बिना आसमान का रंग पूरी तरह काला हो जाएगा और दिन के समय भी घोर अंधेरा छा जाएगा. इसके साथ ही हमारे आसपास के वायुमंडलीय दबाव में अचानक 21 फीसदी की भारी गिरावट आएगी. वायुदाब में इतनी तेजी से बदलाव होने के कारण इंसानों और जीवों के कान के अंदरूनी हिस्से पर भयंकर दबाव पड़ेगा, जिससे हर एक जीवित प्राणी के कान के पर्दे तुरंत फट जाएंगे.
आसमान में उड़ते विमान धड़ाम से नीचे गिरेंगे
हवा में ऑक्सीजन न होने का सीधा असर हमारे वाहनों पर पड़ेगा. हर उस इंजन में जो ईंधन से चलता है, दहन की प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन अनिवार्य होती है. चाहे वह सड़क पर चलती कार हो, समुद्र में तैरता जहाज हो या आसमान में उड़ता हवाई जहाज-इन सभी के इंजन 5 सेकंड के लिए पूरी तरह बंद हो जाएंगे. इसके परिणामस्वरूप आसमान में उड़ रहे हजारों विमान सीधे जमीन पर आ गिरेंगे और सड़कों पर चल रही गाड़ियां अचानक ठप हो जाएंगी, जिससे दुनिया भर में भयंकर हादसे होंगे.
यह भी पढ़ें; India Poverty Reduction: भारत में कम हुई गरीबी, दुनिया में अब किस नंबर पर हम?
ओजोन परत होगी नष्ट और जल उठेंगे महासागर
धरती को सूरज की खतरनाक पराबैंगनी किरणों से बचाने वाली ओजोन परत पूरी तरह ऑक्सीजन के अणुओं से बनी है. अगर ऑक्सीजन गायब हुई तो ओजोन परत तुरंत नष्ट हो जाएगी. इसके हटते ही सूरज की तेज किरणें सीधे धरती पर आएंगी और लोगों की त्वचा को बुरी तरह जला देंगी. इसके अलावा पानी का रासायनिक सूत्र H2O है, जिसमें एक हिस्सा ऑक्सीजन और दो हिस्से हाइड्रोजन होते हैं. ऑक्सीजन हटने पर पानी तुरंत अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोजन गैस में बदल जाएगा, जिससे दुनिया भर के महासागर और नदियां भाप बनकर हवा में उड़ने लगेंगी या उनमें भयंकर विस्फोट हो जाएगा. कुल मिलाकर, भले ही इंसान 5 सेकंड के लिए अपनी सांस रोक ले, लेकिन पृथ्वी का भौगोलिक और भौतिक ढांचा पूरी तरह तबाह हो जाएगा.
यह भी पढ़ें; Limpet Mine Attack: कैसे काम करता है चुंबक बम, जो होर्मुज में पहली बार हुआ इस्तेमाल?
