Helicopter Booking For Wedding: शादी को जीवन का सबसे यादगार पल बनाने के लिए हर इंसान शादी में कुछ ऐसाखआस करना चाहता है जिसे लोग याद रखें. ऐसें में कई शहरों और कस्बों में लोग अपनी शादी को अलग और यादगार बनाने के लिए हेलीकॉप्टर बुक करा रहे हैं. जिसमें दूल्हा हेलीकॉप्टर से बारात लेकर पहुंचता है या फिर दुल्हन को विदाई के समय हेलीकॉप्टर से ले जाया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शादी में हेलिकॉप्टर कैसे बुक किया जाता है और इसमें कुल कितना खर्चा आता है. 

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कैसे होती है बुकिंग?

आज के समय में हेलिकॉप्टर बुक करना कोई मुश्किल भरा काम नहीं है. इसे आप ऑनलाइन या ट्रैवेल एजेंसी के जरिए बुक करवा सकते है. देश की कई निजी एजेंसियां और एविएशन कंपनियां शादी जैसे निजी कार्यक्रमों के लिए चार्टर सर्विस देती हैं. इसके लिए आपको तारीख, समय, लोकेशन और उड़ान की दूरी की जानकारी देनी होती है. भारत में हेलीकॉप्टर किराए पर देने वाली प्रमुख कंपनियों में पवन हंस, ब्लूहाइट्स एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, बद्री हेलीकॉप्टर्स और एयर चार्टर्स इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं. ये कंपनियां अलग-अलग मॉडल और क्षमता के हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराती हैं.

कितना होता है किराया?

दरअसल हेलीकॉप्टर का किराया उसके साइज, सीट और दूरी के अनुसार तय होता है. आप हेलीकॉप्टर को घंटे के हिसाब से भी बुक करा सकते है. ऐसे में किराया प्रति घंटे के हिसाब से तय होता है. हेलीकॉप्टर के किराए की शुरुआती कीमत 50 हजार रुपये प्रति घंटे से शुरू होती है. आप इसे जितनी दूर और जितनी देर के लिए ले जाना चाहते हैं, उस हिसाब से कुल किराया होता है. यह 2 लाख या 5 लाख या 10 लाख भी हो सकता है. 

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बुकिंग के अलावा अन्य खर्चे

हेलीकॉप्टर के मूल किराए के अलावा आपको कई और चीजों पर पैसा खर्च करना होता है. जैसे कि बारात ले जाने और दुल्हन उतारने वाली दोनों जगहों पर कम से कम 30 मीटर का समतल मैदान बनाना पड़ता है. कच्ची जगह होने पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पक्का या ईंटों का हेलीपैड बनाना पड़ता है, ये खर्च ग्राहक को उठाना होता है. साथ ही कुल बुकिंग राशि पर 18% की दर से जीएसटी अलग से देना होता है. 

इसके लिए कोई परमिशन लेनी पड़ती है?

ऐसा नहीं है हेलीकॉप्टर की बुकिंग होते ही काम खत्म हो जाता है. इसके लिए कई तरह की परमिशन भी लेनी होती हैं. पहली परमिशन एयरफोर्स की तरफ से दी जाती है. वहीं दूसरी परमिशन एयरपोर्ट अथॉरिटी या स्‍थानीय प्रशासन से लेनी होती है. हालांकि इन परमिशन को लेने का काम हेलीकॉप्टर ऑपरेटर का होता है. बुकिंग कराने वाले का नहीं. इसके लिए शादी की तारीख से कुछ समय पहले ही बुकिंग और कागजी कार्रवाई शुरू कर देनी चाहिए. 

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