Highest Ethanol Producing Country: भारत ने E20 पेट्रोल को पूरे देश में लागू करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. अब भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां एथनॉल मिश्रित ईंधन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. एथेनॉल मिक्स पेट्रोल का इतिहास दुनिया में सबसे पहले ब्राजील और अमेरिका ने लिखा था. 1970 के तेल संकट के बाद दोनों देशों ने एथेनॉल के उत्पादन को काफी बढ़ावा दिया. ताकि तेल पर निर्भरता कम कर सकें. आज अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक और निर्यातक देश है. जबकी ब्राजील दूसरे स्थान पर है.
कौन-सा देश सबसे ज्यादा बनाता है एथेनॉल?
आज के समय में दुनिया के कई देश एथेनॉल का इस्तेमाल करते है, दुनिया में सबसे ज्यादा एथेनॉल बनाने के मामले में अमेरिका सबसे आगे है। पूरी दुनिया में जितना भी एथेनॉल बनता है, उसका आधा से ज्यादा हिस्सा करीब 54 प्रतिशत अकेले अमेरिका ही तैयार करता है. दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका में एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने का नहीं, बल्कि भारी मात्रा में मक्के का इस्तेमाल किया जाता है. वहां मक्के की खेती बहुत बड़े पैमाने पर होती है, इसलिए वहां की बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां मक्के से क्लीन फ्यूल यानी एथेनॉल बनाती हैं.
एथेनॉल उत्पादन के मामले में ब्राजील दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है. ब्राजील और अमेरिका मिलकर पूरी दुनिया का लगभग 80% एथेनॉल अकेले बना लेते हैं. हालांकि, ब्राजील का तरीका अमेरिका से थोड़ा अलग है. ब्राजील में एथेनॉल बनाने के लिए सबसे ज्यादा गन्ने का इस्तेमाल किया जाता है. भारत की तरह ब्राजील में भी गन्ने की बंपर पैदावार होती है, जिसका फायदा वे बायोफ्यूल बनाने में उठाते हैं.
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क्या वहां पेट्रोल में मिलाया जाता है एथेनॉल?
अमेरिका और ब्राजील दोनों ही देशों में पेट्रोल में भारी मात्रा में एथेनॉल मिलाया जाता है और वहां यह सालों से चल रहा है. अमेरिका के लगभग हर पेट्रोल पंप पर मिलने वाले इंधन में 10% एथेनॉल पहले से ही मिक्स होता है, अब वहां कई जगह पर इसे 10% से बढ़ाकर 15% तक किया जा रहा है. ब्राजील इस मामले में काफी आगे है. वहां कड़े नियमों के मुताबिक, पेट्रोल में भी कम से कम 27% से 30% तक एथेनॉल मिलाना अनिवार्य है. इतना ही नहीं ब्राजील ने 2003 से ही फ्लेक्स-फ्यूल वाहन वाहन बनाना शुरू कर दिए थे, ये वाहन एथेनॉल और पेट्रोल के मिश्रण पर बिना किसी समस्या के चल सकते है. इस कारण 2008 तक ब्राजील में बिकने वाली 80% से ज्यादा हिस्सेदारी फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की हो गई.
इस वैश्विक रेस में हमारा भारत तीसरे नंबर पर आता है. भारत ने अपने तय समय से काफी पहले ही पेट्रोल में 20% एथेनॉल E20 मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है. भारत में मुख्य रूप से गन्ने के रस, टूटे हुए चावल और मक्के से एथेनॉल तैयार किया जाता है. सरकार का अगला लक्ष्य इस मिलावट को और ज्यादा बढ़ाना है, ताकि देश का पैसा बचे और किसानों की आमदनी में भी इजाफा हो सके.
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