अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच वेनेजुएला की राजधानी काराकस में कई धमाकों की आवाज सुनाई दी. जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने काराकस में एयर स्ट्राइक किया, जिसके बाद पूरे शहर में कई विस्फोटों की आवाज सुनाई दी. अमेरिकी सेना की तरफ से की गई एयर स्ट्राइक के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ने पकड़ लिया है और दोनों इस समय अमेरिका के गिरफ्त में हैं.

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अमेरिका की ओर से किए गए हमलों के बाद वेनेजुएला इसलिए भी चर्चा में आ गया कि क्योंकि वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है इसके बावजूद वह सबसे गरीब देशों में शामिल है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार होने के बाद भी वेनेजुएला इतना गरीब क्यों है .

दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार, फिर भी हालात खराब65558/

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अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है. 2023 तक वेनेजुएला के पास करीब 303 बिलियन बैरल तेल मौजूद था. इसके बावजूद वेनेजुएला कच्चे तेल के निर्यात से बहुत कम कमाई कर पाता है और दुनिया के गरीब देशों में गिना जाता है. वहीं वेनेजुएला के बाद सऊदी अरब 267.2 बैरल के साथ दूसरे स्थान पर है, उसके बाद ईरान 208.6 बैरल और कनाडा 163.6 बैरल के साथ तीसरे स्थान पर हैं. ये चारों देश मिलकर वैश्विक तेल भंडार के आधे से ज्यादा हिस्से के मालिक है. वहीं अगर अमेरिका से तुलना करें तो अमेरिका के पास करीब 55 बिलियन बैरल तेल भंडार है, जबकि वेनेजुएला के भंडार उससे पांच गुना ज्यादा है. इसके बावजूद वेनेजुएला तेल से होने वाली आय में अमेरिका के मुकाबले काफी पीछे है. इसकी एक बड़ी वजह इंटरनेशनल प्रतिबंध और सीमित उत्पादन मानी जाती है.

कम कीमत पर क्यों बिकता है वेनेजुएला का तेल?

वेनेजुएला के ज्यादातर तेल भंडार ओरिनोको बेल्ट में हैं, जहां भारी और ज्यादा घनत्व वाला कच्चा तेल पाया जाता है. इस तरह के तेल को निकालना और प्रोसेस करना महंगा होता है. इसमें सल्फर की मात्रा भी ज्यादा होती है, जिस वजह से यह तेल इंटरनेशनल मार्केट में कम कीमत पर बिकता है. वहीं देश की सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए पर तेल उत्पादन की पूरी जिम्मेदारी है, लेकिन पुराने ढांचे, निवेश की कमी, कुप्रबंधन और इंटरनेशनल प्रतिबंधों के चलते वेनेजुएला अपने विशाल तेल भंडार का पूरा फायदा नहीं उठा पाता है.

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