दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत और अमेरिका के शासन प्रमुखों के पास पूरे देश की जिम्मेदारी होती है. अमेरिकी राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री ज्यादातर काम में व्यस्त रहते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने वाले इन बड़े नेताओं को साल भर में कितनी छुट्टियां मिलती हैं. क्या वह आम सरकारी कर्मचारियों की तरह छुट्टी पर जा सकते हैं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए क्या है नियम?

अमेरिकी संविधान में राष्ट्रपति की छुट्टियों को लेकर कोई खास प्रावधान नहीं है. इसका मतलब यह है कि राष्ट्रपति के लिए न तो छुट्टियों की कोई तय सीमा तय है और न ही उन्हें छुट्टी के लिए किसी की मंजूरी लेनी पड़ती है. हालांकि व्यावहारिक तौर पर राष्ट्रपति कभी भी पूरी तरह ऑफ ड्यूटी नहीं होता, क्योंकि उसे रक्षामंत्री जैसे अहम अधिकारियों के साथ रोजाना संपर्क में रहना पड़ता है और देश की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां हर रोज उनके साथ चलती हैं. यही वजह है कि जब भी कोई राष्ट्रपति कुछ दिनों के लिए अपने किसी निजी काम में व्यस्त हो जाता है, तो इसे आमतौर पर वर्किंग वैकेशन कहा जाता है. 

भारत में प्रधानमंत्री के लिए क्या हैं नियम?

भारतीय संविधान में भी प्रधानमंत्री की छुट्टियों को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है. आम केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कैजूअल लीव जैसी व्यवस्थाएं तय हैं, जो 1998 में घटाकर साल में 8 दिन कर दी गई थीं, लेकिन प्रधानमंत्री इन सामान्य सरकारी नियमों के दायरे में नहीं आते. प्रधानमंत्री का पद संवैधानिक तौर पर एक ऐसी जिम्मेदारी माना जाता है, जो साल के 365 दिन बनी रहती है. इसलिए उनके लिए अलग से छुट्टी के आवेदन या मंजूरी की कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है. 

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व्यावहारिक तौर पर कैसे चलता है कामकाज?

भारत में यह मान्यता रही है कि प्रधानमंत्री का पद इतनी बड़ी जिम्मेदारी है कि वे छुट्टी पर नहीं जा सकते, भले ही वे निजी यात्रा या आराम के लिए कुछ समय निकालें. हाल ही में BJP नेता अमित शाह ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 22 सालों में एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली और वे साल के 365 दिन काम करते है.

इससे साफ है कि भारत में प्रधानमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति भी अमेरिकी राष्ट्रपति की तरह किसी तय छुट्टी सिस्टम से नहीं, बल्कि अपनी खुद की प्राथमिकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना से ही अपने कामकाज और आराम का संतुलन तय करता है. 

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