अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा शहर में मौजूद श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर एक बेहद खौफनाक साजिश रची गई थी. भारतीयों और हिंदूओं के प्रति नफरत से भरे एक 19 साल के सिरफिरे हमलावर ने इस विशाल मंदिर में हमला करने की पूरी तैयारी कर ली थी. वह मंदिर परिसर में पहुंच भी चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर उसकी सेमी-ऑटोमैटिक राइफल जाम होने की वजह से सैकड़ों मासूम श्रद्धालुओं की जान बच गई. इस दिल दहला देने वाली घटना के सामने आने के बाद से अमेरिका और भारत दोनों देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

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हाालंकि, इस घटना के बाद बहुत से लोगों के मन में उस मंदिर को लेकर कई सवाल हैं. लोग जानना चाहते हैं कि आखिर अमेरिका में स्थित वह मंदिर किस भगवान का था और वहां किस तरह पूजा होती है? आइए जानते हैं सवालों के जवाब... 

वेंकटेश्वर स्वामी का है मंदिर

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जिस मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी, वह दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी की तर्ज पर बना श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर है. अमेरिका के शिकागो क्षेत्र में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए यह आस्था का एक बहुत बड़ा और प्रमुख केंद्र माना जाता है. नवरात्रि के चलते घटना वाले दिन मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में हिंदू श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए जुटे हुए थे. अगर हमलावर अपनी साजिश में कामयाब हो जाता तो यह अमेरिकी इतिहास में किसी भी धार्मिक स्थल पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक हो सकता था.

इस तरह टला बड़ा हादसा

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, 19 साल का आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस पूरी तैयारी के साथ मंदिर की पार्किंग में पहुंच गया था. उसके पास एक एआर-स्टाइल असॉल्ट राइफल, 300 से ज्यादा राउंड गोलियां और बुलेटप्रूफ जैकेट जैसे घातक सैन्य उपकरण मौजूद थे. उसने मंदिर में मौजूद भारतीय मूल के लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग करने के लिए जैसे ही अपनी बंदूक का ट्रिगर दबाया, वैसे ही उसका हथियार तकनीकी खराबी के कारण जाम हो गया. घबराकर हमलावर तुरंत अपनी गाड़ी से वहां से बहुत तेजी से फरार हो गया.

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नफरत से भरा हुआ था हमलावर का इरादा

जांच के दौरान पुलिस और FBI को आरोपी के घर से कई अन्य हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और एक आठ पन्नों का दस्तावेज मिला है. इस दस्तावेज़ में उसने खुद को एक उग्र श्वेत वर्चस्ववादी और नाजी विचारधारा का समर्थक बताया था. वह पिछले दो साल से भारतीयों, अश्वेतों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ नफरत फैला रहा था और मास शूटिंग की योजना बना रहा था. इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी सांसदों ने इस नस्लीय नफरत और हमले की कोशिश पर गहरी चिंता व्यक्त की है.

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