आमतौर पर हर देश में इलाज के लिए अस्पताल और डॉक्टरों की व्यवस्था होती है. लेकिन दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र देश वेटिकन सिटी इस मामले में अलग है. यहां अस्पताल नहीं है, इसलिए गंभीर बीमारी या इमरजेंसी में मरीजों को इटली के अस्पतालों में ले जाया जाता है. यहां सिर्फ प्राथमिक इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था मौजूद है.
दुनिया का सबसे छोटा देश है वेटिकन सिटी
वेटिकन सिटी इटली की राजधानी रोम के अंदर स्थित है. यह दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र देश माना जाता है. इसका क्षेत्रफल बहुत कम है और यहां रहने वाले लोगों की संख्या भी सीमित है. वेटिकन सिटी कैथोलिक ईसाइयों का प्रमुख धार्मिक केंद्र है. यहां पोप रहते हैं और कैथोलिक चर्च से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जाते हैं.
अस्पताल नहीं, फिर इलाज कैसे होता है?
यहां डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की मदद से प्राथमिक इलाज और इमरजेंसी में शुरुआती सहायता दी जाती है. जब किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने, ऑपरेशन या गंभीर बीमारी के इलाज की जरूरत होती है, तो उसे इटली के अस्पताल में भेजा जाता है.वेटिकन सिटी के पास अपनी सीमित स्वास्थ्य सेवाएं हैं, जबकि बड़े अस्पताल रोम में मौजूद हैं. ऐसे में मरीजों को जरूरत के हिसाब से एंबुलेंस या दूसरे साधनों से इटली के अस्पताल तक पहुंचाया जाता है.
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रोम पास होने से मिलती है राहत
वेटिकन सिटी चारों तरफ से रोम से घिरा है, इसलिए इटली के बड़े अस्पताल यहां से ज्यादा दूर नहीं हैं. यही वजह है कि अपना अस्पताल न होने पर भी मरीजों को जरूरत पड़ने पर इलाज के लिए दूसरे देश जाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आती. यहां की शुरुआती स्वास्थ्य सेवा और रोम के अस्पतालों की मदद से जरूरी इलाज मिल जाता है.
यहां की आबादी भी है बहुत कम
वेटिकन सिटी का आकार और आबादी दोनों ही बहुत कम हैं. वे 31 दिसंबर 2024 तक यहां के नागरिकों की संख्या 673 से 882 दर्ज की गई थी. यहां धार्मिक इमारतें, सरकारी कार्यालय, संग्रहालय और पोप का निवास प्रमुख जगहों में शामिल हैं. सीमित क्षेत्र और कम आबादी के कारण यहां की व्यवस्था दूसरे देशों से काफी अलग है.
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