UCC in India: देश में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, क्योंकि अब असम सरकार ने भी विधानसभा में UCC बिल पेश कर दिया है. मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की सरकार ने 25 मई 2026 को यह बिल सदन में रखा. इसके साथ ही असम UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाला तीसरा बड़ा राज्य बन गया है. इस कानून का मकसद शादी, तलाक, संपत्ति और लिव-इन रिलेशन जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है. साथ ही लंबे समय से देश में इसकी चर्चा हो रही थी, लेकिन अब अलग-अलग राज्य इसे जमीन पर उतारने लगे हैं.

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उत्तराखंड के बाद गुजरात ने भी लागू किया नियम

सबसे पहले उत्तराखंड ने UCC लागू कर इतिहास रच दिया था. राज्य में यह कानून जनवरी 2025 से लागू है. इसके तहत शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया, बहुविवाह पर रोक लगाई गई और लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी दायरे में लाया गया. इसके बाद गुजरात दूसरा राज्य बना जिसने मार्च 2026 में UCC बिल पास किया. गुजरात के कानून में भी शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशन जैसे मामलों के लिए एक समान नियम बनाए गए. महिलाओं को संपत्ति में बराबरी का अधिकार देने और जबरन शादी पर रोक जैसे प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं.

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असम के UCC बिल में क्या है खास?

असम सरकार का UCC बिल कई मामलों में सख्त माना जा रहा है. इस बिल में बहुविवाह पर रोक लगाने का प्रस्ताव है. शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन तय समय के भीतर करना जरूरी होगा. वहीं लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया गया है. बिल में यह भी कहा गया है कि लिव-इन रिलेशन से पैदा होने वाले बच्चों को पूरी कानूनी मान्यता मिलेगी. महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है. हालांकि राज्य की अनुसूचित जनजातियों को इस कानून से बाहर रखा गया है ताकि उनकी परंपराओं और संस्कृति पर असर न पड़े. सरकार का कहना है कि यह कानून सभी नागरिकों को बराबरी और आसान न्याय देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.

अब तक कितने राज्यों में लागू हुआ UCC?

अगर मौजूदा हालात देखें तो उत्तराखंड ऐसा पहला राज्य है जहां UCC पूरी तरह लागू हो चुका है. गुजरात दूसरा राज्य है जिसने विधानसभा से बिल पास कर दिया है. वहीं असम ने अब बिल पेश करके साफ कर दिया है कि वह भी जल्द इस कानून को लागू करने की तैयारी में है. इसके अलावा मध्य प्रदेश में भी UCC लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार ने इसके लिए तैयारी तेज कर दी है. यानी आने वाले समय में देश के कई और राज्यों में भी UCC को लेकर हलचल बढ़ सकती है. भाजपा इसे अपने बड़े एजेंडे के तौर पर देख रही है और राम मंदिर व अनुच्छेद 370 के बाद अब UCC को अगला बड़ा कदम माना जा रहा है.

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