आज की दुनिया में लोग बेहतर नौकरी, शानदार लाइफस्टाइल और मॉर्डन सुविधाओं की तलाश में विदेश में बसना चाहते हैं. भारत से भी लाखों लोग हर साल विदेश जाते हैं और सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगह दुबई है, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का सबसे चमकदार शहर है. ऊंची-ऊंची इमारतें, सुरक्षित माहौल, बढ़िया नौकरी के अवसर और टैक्स-फ्री आय दुबई को दुनिया का सपना शहर बनाते हैं. हालांकि, एक बड़ा सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि अगर मैं यूएई की लड़की से शादी कर लूं तो क्या मुझे आसानी से यूएई की नागरिकता मिल जाएगी. बहुत से लोग मानते हैं कि किसी अमीराती (UAE नागरिक) से शादी करते ही वहां की नागरिकता मिल जाती है.

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यूएई दुनिया के उन देशों में से है, जहां नागरिकता मिलना सबसे मुश्किल माना जाता है. यहां तक कि कोई व्यक्ति अगर कई साल तक यूएई में रहे. नौकरी या कारोबार करे, तब भी उसे डायरेक्ट नागरिकता नहीं मिलती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि यूएई में नागरिकता कैसे मिलती है, और क्या अमीराती लड़की से शादी करने पर पति को नागरिकता मिलती है? 

यूएई में नागरिकता पाना इतना मुश्किल क्यों?

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यूएई में नागरिकता के नियम बहुत सख्त हैं. यहां आम आदमी को नागरिकता मिलना लगभग नामुमकिन माना जाता है. यूएई के कानून के अनुसार कोई भी विदेशी 30 साल तक लगातार UAE में रहने के बाद ही नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है. आवेदन करते समय अरबी भाषा की जानकारी होना जरूरी है. नागरिकता देने का पूरा अधिकार यूएई की सरकार के पास है. हर आवेदन मंजूर हो ऐसा जरूरी नहीं है. 

क्या UAE की लड़की से शादी करने पर नागरिकता मिल जाती है?

सीधे-सीधे शादी करने से यूएई की नागरिकता नहीं मिलती है. यूएई का नियम बहुत साफ है. अमीराती महिला से शादी करने पर उसके पति को नागरिकता नहीं मिलती है. महिला अगर विदेशी है और किसी अमीराती पुरुष से शादी करती है तो कुछ शर्तों के आधार पर नागरिकता मिल सकती है, लेकिन वह भी कई साल बाद. वहीं, विदेशी पुरुष को सिर्फ शादी के आधार पर यूएई की नागरिकता बिल्कुल नहीं मिलती है. यही वजह है कि कोई भारतीय या किसी और देश का व्यक्ति अमीराती लड़की से शादी कर ले, लेकिन वह यूएई का नागरिक नहीं बन सकता. वह सिर्फ पति के आधार पर रहने की अनुमति यानी Residence Visa पा सकता है, लेकिन नागरिकता नहीं पा सकता है. 

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