Iran Truck Driver Salary: पिछले काफी समय से इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के चलते ईरान दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस तनाव का असर भी लगभग पूरी दुनिया की गैस और तेल सप्लाई पर देखने को मिल रहा है. वहीं इस तनाव के चलते ईरान से जुड़ी कई चीजें चर्चा में आई है. तनाव से पहले पिछले साल ईरान में ट्रक ड्राइवर की होने वाली हड़ताल भी चर्चा में थी. देश भर में ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर इसका असर भी पड़ा था. ट्रक ड्राइवरों ने बढ़ती लागत, ईंधन की कीमतों, बीमा प्रीमियम और खराब कामकाजी हालात के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इस हड़ताल ने न सिर्फ परिवहन व्यवस्था ही बल्कि ईरान की आर्थिक चुनौतियों को भी सामने ला दिया था. इसके बाद कई लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि आखिर ईरान में ट्रक ड्राइवर कितना कमाते हैं और उनकी कमाई भारत के मुकाबले कितनी है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ईरान में ट्रक ड्राइवर की सैलरी कितनी है और भारत से ये सैलरी कितनी ज्यादा है. 

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ईरान में कितनी है ट्रक ड्राइवर की सैलरी?

साल 2026 के आंकड़ों के अनुसार ईरान में एक ट्रक ड्राइवर की औसत सालाना सैलरी करीब 181,199,700 ईरानी रियाल है. इसे भारतीय रुपये में बदले तो यह लगभग 3.6 लाख से 3.8 लाख रुपये सालाना बैठती है. यानी एक ट्रक ड्राइवर औसतन हर महीने करीब 15,099,975 ईरानी रियाल कमाता है. हालांकि एक्सपीरियंस और काम के आधार पर यह कमाई अलग-अलग हो सकती है. शुरुआती स्तर पर ड्राइवर करीब 88,799,900 ईरानी रियाल सालाना कमाते हैं जबकि एक्सपीरियंस ड्राइवर की सैलरी 283,199,800 रियाल तक पहुंच सकती है. 

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एक्सपीरियंस के साथ बढ़ती है कमाई 

ईरान में जीरो से 2 साल का एक्सपीरियंस रखने वाले ट्रक ड्राइवर औसतन 105,358,700 रियाल सालाना कमाते हैं. वहीं 5 से 10 साल का एक्सपीरियंस होने पर यह आंकड़ा बढ़कर 187,198,300 रियाल तक पहुंच जाता है. 20 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले ड्राइवर करीब 264,000,100 रियाल तक कमा सकते हैं. 

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भारत से कितनी ज्यादा है कमाई?

भारत में ट्रक ड्राइवर की औसत कमाई आमतौर पर 15 से 30 हजार रुपये महीने के बीच मानी जाती है. यानी सालाना करीब 1.8 लाख से 3.6 लाख रुपये तक पहुंचती है. ऐसे ईरान के ट्रक ड्राइवर की औसत कमाई भारतीय ड्राइवर के लगभग बराबर हो सकती है.  लेकिन वहां बढ़ती महंगाई, कमजोर करेंसी और ईंधन लागत के कारण उनकी आर्थिक स्थिति दबाव में बनी रहती हैं. वहीं आपको बता दें कि ईरान में घरेलू माल ढुलाई का करीब 80 से 90 फीसदी हिस्सा ट्रकों के जरिए होता है.

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