Meat Consumption India: भारत को अक्सर शाकाहारी खाने से जोड़ा जाता है लेकिन असलियत कहीं ज्यादा अलग है. देश के कई हिस्सों में भूगोल, जलवायु और परंपरा की वजह से मांस पर आधारित खाने की संस्कृति है. इस लिस्ट में सबसे ऊपर नागालैंड आता है. नागालैंड में सबसे ज्यादा नॉन वेजिटेरियन लोग हैं. डेटा के मुताबिक नागालैंड की 99.8% आबादी मांस खाती है.
नॉनवेज के मामले में नागालैंड भारत में सबसे आगे
नॉन वेजिटेरियन खाने की आदतों के मामले में नागालैंड राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर आता है. यहां लगभग पूरी आबादी मांस खाती है जो आदिवासी परंपराओं, जंगल पर आधारित जीवन और डेयरी उत्पादों पर निर्भरता को दिखाता है. आपको बता दें कि नागालैंड के अलावा पश्चिम बंगाल में 99.3% और केरल में 99.1% लोग नॉन वेजिटेरियन हैं.
क्या है यहां का मुख्य भोजन?
ज्यादा मांस खाने के बावजूद भी नागालैंड का मुख्य भोजन चावल है. यहां पर लगभग हर खाना चावल के साथ ही खाया जाता है. मांस, उबली हुई सब्जी या फिर फर्मेंटेड चीज सभी कुछ चावल के साथ ही खाया जाता है. सभी तरह के खाने में पोर्क नागालैंड में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. इसे ताजा, स्मॉक्ड, उबला हुआ या फिर बांस की कोंपलों के साथ पकाया जाता है.
बिना तेल के खाना पकाना और काफी ज्यादा मसाले
पारंपरिक नागा खाना पकाने में बहुत कम या फिर बिल्कुल भी तेल का इस्तेमाल नहीं होता है. खाना आमतौर पर उबला हुआ, भुना, स्टीम किया या स्मोक्ड होता है. गर्मी तेल से नहीं बल्कि मिर्च से आती है. आपको बता दें कि यहां पर मशहूर नागा किंग चिली का इस्तेमाल किया जाता है जो दुनिया की सबसे तीखी मिर्च में से एक है.
नागालैंड की खाने की संस्कृति में फर्मेंटेशन का काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है. एक्सोन एक फर्मेंटेड सोयाबीन होती है. इसमें एक तेज तीखी खुशबू होती है और इसका इस्तेमाल आमतौर पर मांस की करी और चटनी में किया जाता है. इसी के साथ अरबी के पत्तों को फर्मेंट करके एक टिकिया बनाई जाती है जिसे धुएं में पके हुए पोर्क के साथ पकाया जाता है. वैसे तो नागालैंड इस लिस्ट में सबसे ऊपर है लेकिन दूसरे इलाकों में भी नॉनवेज खाने का कल्चर काफी ज्यादा मजबूत है. लक्षद्वीप अपने आइलैंड होने की वजह से सी फूड और नारियल पर काफी ज्यादा निर्भर है. पश्चिम बंगाल मछली और चावल के लिए मशहूर है. इसी के साथ केरल में सी फूड से भरपूर खाना खाया जाता है.
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