World Most Dangerous Places: दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं जो जितनी दिलचस्प नजर आती हैं उतनी ही खतरनाक भी हैं. कुछ जगहें अपने काफी खराब मौसम के लिए जानी जाती हैं तो कुछ जहरीले माहौल, जानलेवा जंगली जानवर या फिर इंसानी बस्ती से पूरी तरह अलग-थलग होने के लिए. ये जगहें इतनी खतरनाक हैं कि यहां पर एक छोटी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है. आइए जानते हैं उन सभी जगहों के बारे में.
स्नेक आईलैंड, ब्राजील
ब्राजील के तट के पास बसा स्नेक आइलैंड गोल्डन लांसहेड वाइपर का घर होने के लिए मशहूर है. यह दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में से एक है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस द्वीप पर हर एक वर्ग मीटर में कई सांप पाए जा सकते हैं. इस वजह से यह धरती की सबसे खतरनाक जगहों में से एक है.
समुद्र का जलस्तर बढ़ने की वजह से यह द्वीप हजारों साल पहले मुख्य जमीन से अलग हो गया था. प्रवासी पक्षियों के सांपों का मुख्य भोजन बनने की वजह से उनका जहर तीन से पांच गुना ज्यादा ताकतवर हो गया. ऐसा इसलिए ताकि पक्षी भगाने से पहले ही मर जाए. इतने ज्यादा खतरे को देखते हुए ब्राजील सरकार ने इस द्वीप पर आम लोगों के जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.
डेथ वैली, यूएसऐ
कैलिफोर्निया में स्थित डेथ वैली धरती की सबसे गर्म जगहों में से एक है. यहां तापमान 56.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. बिना पानी और सुरक्षा के वहां पर कुछ घंटे बिताना भी जानलेवा साबित हो सकता है. यह घाटी समुद्र तल से 282 फीट नीचे है और ऊंचे पहाड़ों से घिरी हुई है. सूरज की रोशनी घाटी की जमीन को काफी ज्यादा गर्म कर देती है. साथ ही गर्म हवा ऊपर उठती है, आस-पास के पहाड़ों के पास ठंडी होती है और वापस नीचे आती है. इससे भट्टी जैसा माहौल बन जाता है.
लेक नैट्रॉन, तंजानिया
यह जगह अपने काफी ज्यादा क्षारीय पानी के लिए जानी जाती है. इसका पीएच लेवल 10.5 से 12 के बीच होता है. इस पानी के संपर्क में आने से त्वचा और आंखे जल सकती हैं क्योंकि यह ब्लीच या फिर अमोनिया जैसे पदार्थों की तरह ही नुकसानदायक होता है. ओल डोइन्यो लेंगाई नाम की एक सक्रिय ज्वालामुखी झील में सोडियम कार्बोनेट और दूसरे खनिज छोड़ती है. जिस वजह से इसका पानी काफी ज्यादा क्षारीय हो जाता है. हालांकि जानवर सचमुच पत्थर में नहीं बदलते लेकिन जो जानवर झील में मर जाते हैं वे नमक से भरपूर पानी की वजह से प्राकृतिक रूप से प्रिजर्व्ड हो जाते हैं. वक्त के साथ उनका शरीर सख्त हो जाता है और वे वैसे ही बने रहते हैं.
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नॉर्थ सेंटिनल आईलैंड, भारत
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बसा नॉर्थ सेंटिनल आईलैंड सेंटिनली जनजाति का घर है. यह जनजाति 60000 सालों से बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग-थलग रही है. यह जनजाति बाहरी लोगों के प्रति आक्रामक व्यवहार के लिए जानी जाती है और द्वीप के पास आने की कोशिश करने वाले हर व्यक्ति पर हमला कर देती है.
2006 में दो अवैध मछुआरों की मौत हो गई थी और 2018 में एक अमेरिकी मिशनरी की द्वीप पर जाने के बाद मौत हो गई. जनजाति और आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड की यात्रा पर रोक लगा दी है.
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