Unsafe Countries: ग्लोबल सेफ्टी रैंकिंग का इस्तेमाल अक्सर यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि देश अपने नागरिकों और आने वाले लोगों के लिए कितने सुरक्षित हैं. इन रैंकिंग में सशस्त्र संघर्ष, अपराध, आतंकवाद, राजनीतिक स्थिरता, कानून व्यवस्था और सामाजिक अशांति जैसी वजहों को ध्यान में रखा जाता है. हाल ही में आई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक भारत मध्य जोखिम वाली श्रेणी में आता है. आइए जानते हैं कि कौन से देश सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं.

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ग्लोबल सेफ्टी रैंकिंग में भारत की स्थिति 

ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 के मुताबिक भारत 163 देशों में से 127वें  स्थान पर आता है. हालांकि भारत मजबूत सैन्य क्षमता के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है. लेकिन आंतरिक सुरक्षा चुनौती, सीमा पर तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष जैसी वजह इसकी पूरी रैंकिंग को प्रभावित करती रहती हैं. वहीं अगर Numbeo के सेफ्टी इंडेक्स की बात करें तो भारत को यह वैश्विक स्तर पर 66वें स्थान पर रखता है. यह भारत को मध्यम स्तर की सुरक्षा वाला देश बताता है.

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दुनिया के सबसे असुरक्षित देश 

कई देश गृह युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता, संगठित अपराध या फिर कमजोर शासन की वजह से गंभीर सुरक्षा चुनौती का सामना कर रहे हैं. हैती को व्यापक रूप से दुनिया की सबसे खतरनाक देश में से एक माना जाता है. ऐसे इसलिए क्योंकि गिरोहों की बढ़ती हिंसा, बड़े पैमाने पर अपहरण और कई क्षेत्र में कानून व्यवस्था का खत्म हो जाना इस देश को खतरनाक बना देते हैं. 

इसी के साथ रूस की स्थिति भी काफी नीचे आ गई है. इसकी वजह चल रहे भू राजनीतिक संघर्ष और सैन्य अभियान हैं. साथ ही वेनेजुएला आर्थिक पतन, राजनीतिक अशांति और हिंसक अपराधों से जूझ रहा है. इस वजह से कई निवासियों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है. 

इसी के साथ अफगानिस्तान दशकों के संघर्ष, आतंकवादी गतिविधि और तालिबान के लगातार शासन की वजह से सबसे कम सुरक्षित देश में से एक बन गया है.

कौन सा देश सबसे सुरक्षित है? 

रैंकिंग के दूसरे छोर पर ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 के मुताबिक आइसलैंड दुनिया के सबसे सुरक्षित देश का स्थान बनाए हुए है. यह देश कम अपराध दर, राजनीतिक स्थिरता, मजबूत संस्थान और सैन्य संघर्ष की गैर मौजूदगी की वजह से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है.

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