Bihar Assembly Election 2025: बिहार 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जोरों शोरों से लगा हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस के राहुल गांधी जैसे कई बड़े नेता राज्य भर में धुआंधार प्रचार कर रहे हैं. इसी बीच कई क्षेत्र हॉट सीट बन चुके हैं जहां पर बड़े नामों के बीच कांटे के मुकाबले की उम्मीद है. आइए जानते हैं उन्हीं हॉट सीट के बारे में.

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राघोपुर 

वैशाली जिले का राघोपुर काफी लंबे समय से यादव परिवार की विरासत का एक हिस्सा है. इस सीट का प्रतिनिधित्व जहां अब तेजस्वी यादव कर रहे हैं, वहीं इस सीट ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों को सत्ता में देखा है. इस सीट से भाजपा ने सतीश कुमार यादव को मैदान में उतारा है. अगर यहां की हिंदू और मुस्लिम आबादी की बात करें तो यहां पर 16.7 1% मुस्लिम और 82.86% हिंदू हैं.

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महुआ 

महुआ से तेजस्वी के भाई तेज प्रताप यादव अपने नए राजनीतिक झंडे के साथ चुनावी मैदान में वापसी कर रहे हैं. आपको बता दें कि इस सीट से उनका सामना राजद के मुकेश कुमार रोशन, एलजेपी (आर) के संजय कुमार सिंह से होगा. इसी बीच अगर यहां की हिंदू आबादी को देखा जाए तो वह 86.9% है और मुस्लिम आबादी 12.86% है. 

लखीसराय 

यह क्षेत्र भाजपा के सबसे सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में से एक बना हुआ है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की यहां पर पकड़ मजबूत है और इसी के साथ इस सीट पर ओबीसी, भूमिहार और यादवों का दबदबा पूरी तरह से एनडीए के पक्ष में बना हुआ है. हालांकि इस सीट से जन स्वराज के सूरज कुमार की चुनौती भी मजबूत साबित हो सकती है. इस जिले में सिर्फ 4.08% मुस्लिम और 95.55% हिंदू मतदाता है.

पटना साहिब 

पटना साहिब भी एक प्रमुख शहरी सीट है. भाजपा द्वारा कांग्रेस के शशांत शेखर के खिलाफ अपने शहरी मतदाता आधार को बनाए रखने के लिए रत्नेश कुशवाहा को मैदान में उतर गया है. आपको बता दें कि यह निर्वाचन क्षेत्र अपने शिक्षित और पेशेवर मतदाताओं के लिए पहचाना जाता है. यहां पर 12.3% मुसलमान और 86.3% हिंदू हैं.

तारापुर 

तारापुर में पिछले कुछ सालों से कांग्रेस, जेडी(यू), और राजद के बीच सत्ता परिवर्तन होता आ रहा है. इस बार भाजपा से दिग्गज सम्राट चौधरी ने इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. इसी के साथ राजद के अरुण शाह उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी है. दरअसल भाजपा के सम्राट चौधरी का यह पैतृक क्षेत्र है और इस वजह से यह एक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है और यही कारण है कि यह राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गई है. यहां पर 6.8% मुस्लिम आबादी है और 92.8 प्रतिशत हिंदू हैं.

फुलवारी 

अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित फुलवारी बिहार के जातीय और सामुदायिक मिश्रण को बखूबी से दर्शाती है. अगर यहां के कैंडिडेट्स की बात करें तो यहां एनडीए से श्याम रजक, महागठबंधन से गोपाल रविदास और जान सुराज पार्टी से डॉ शशिकांत प्रसाद लड़ रहे हैं. यह निर्वाचन क्षेत्र अक्सर ही स्थानीय नेतृत्व और कल्याणकारी राजनीति के आधार पर बदलता रहता है. दलित, मुस्लिम और ओबीसी आबादी की यहां पर अच्छी खासी संख्या है. आंकड़ों के मुताबिक यहां पर 18.5% मुस्लिम और 81% हिंदू हैं.

छपरा 

इसी के साथ इस चुनाव की सबसे बड़ी हॉट सीट भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव की छपरा सीट है. राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रहे खेसारी लाल यादव ने छपरा को अपनी लोकप्रियता से सबसे चर्चित निर्वाचन क्षेत्र में से एक बना दिया है. बताते हैं कि इस क्षेत्र में 18.11% मुस्लिम और 81.45% हिंदू हैं.

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