Su-57 Fighter Jet: रूस ने इस बात का दावा किया है कि उसके पांचवें पीढ़ी के स्टिल्थ फाइटर Su-57 नहीं यूक्रेन संघर्ष में अपना पहला एयर टू एयर किल हासिल किया है. हालांकि इस दावे की कोई भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन इस घोषणा ने एक बार फिर से रूस के सबसे एडवांस्ड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की तरफ दुनिया का ध्यान खींचा है. आइए जानते हैं क्या है इस फाइटर जेट की खासियत. 

Continues below advertisement

रूस का पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट 

Su-57 को नाटो फेलन के नाम से जानता है. यह रूस का मुख्य पांचवीं पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है. इसे कई तरह के मिशन पूरा करने के लिए बनाया गया है जिनमें एयर सुपीरियरिटी, सटीक हमलें, टोही अभियान और इलेक्ट्रॉनिक वाॅरफेयर शामिल हैं. 

Continues below advertisement

इसकी एक खास विशेषता स्टील्थ टेक्नोलॉजी है. यह रडार सिग्नेचर को कम करने के लिए एयरक्राफ्ट की बनावट, रडार अब्जॉर्बिग मटेरियल और इंटरनल वेपन बे का इस्तेमाल करती है. इससे एयरक्राफ्ट दुश्मन के रडार सिस्टम के पकड़ में आए बिना हवाई क्षेत्र में घुस सकते हैं.

तेज रफ्तार और लंबी ऑपरेशनल रेंज

Su-57 लगभग मैक 2.0 या फिर 2470 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने में सक्षम है. यह इसे सबसे तेज ऑपरेशनल फाइटर जेट्स में से एक बनाता है. मिशन के प्रकार के आधार पर इसकी ऑपरेशनल रेंज लगभग 3500 से 4800 किलोमीटर है. इससे यह बार-बार ईंधन भरे बिना लंबी दूरी के मिशन पूरे कर सकता है. 

एडवांस्ड इंजन कॉम्बैट परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है 

इस एयरक्राफ्ट को रूस के नई पीढ़ी के इजदेलिये 177 इंजन के साथ अपग्रेड किया गया है. जो इसकी परफॉर्मेंस और क्षमता दोनों को काफी बेहतर बनाता है. इसका एक बड़ा फायदा सुपरक्रूज है. यह एयरक्राफ्ट को आफ्टरबर्नर का इस्तेमाल किए बिना सुपरसोनिक स्पीड पर उड़ने की सुविधा देता है. इससे ईंधन की खपत कम होती है, हिट सिग्नेचर घटता है और कॉम्बैट मिशन के दौरान सुरक्षित रहने की संभावना भी बढ़ती है.

यह इंजन लगभग 16500 केजीएफ का थ्रस्ट भी पैदा करता है. इस तेज रफ्तार पकड़ने और मुश्किल ऑपरेशन के दौरान बेहतर परफॉर्मेंस मिलती है. 

डॉग फाइट के दौरान बेहतर गतिशीलता 

इस फाइटर जेट में 3D थ्रस्ट वेक्टरिंग नोजल लगे हैं. इससे यह काफी तेज रफ्तार पर भी तेजी से दिशा बदल सकता है. इससे विमान को करीबी हवाई लड़ाई के दौरान जबरदस्त फुर्ती मिलती है. हवा में मुश्किल करतब दिखाने की इसकी क्षमता की वजह से दुश्मन के लड़ाकू विमान के लिए डॉग फाइट के दौरान इसे टारगेट लोक में रखना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है. इस वजह से पायलट को रणनीतिक बढ़त मिलती है. 

कई खतरों से निपटने में सक्षम 

यह विमान एक ही मिशन के दौरान कई तरह के टारगेट से निपटने में काफी सक्षम है. यह दिन और रात दोनों स्थितियों में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, क्रूज मिसाइल, ड्रोन और जमीन पर मौजूद कुछ खास टारगेट का एक साथ पता लगा सकता है. साथ ही उन पर हमला भी कर सकता है. इस मल्टी रोल क्षमता की वजह से Su-57 कई खास विमान की जरूरत के बिना ही आक्रामक, रक्षात्मक और सपोर्ट मिशन पूरे कर सकता है.

शक्तिशाली हथियार और फायर एंड फॉरगेट मिसाइल 

यह विमान अपनी छिपने की खूबियों को बनाए रखने के लिए ज्यादातर हथियार अपने अंदरूनी हिस्से में रखता है. इसके हथियारों में 30 एमएम की एक एयरक्राफ्ट तोप और कई तरह की एडवांस्ड हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हैं. 

इसके मुख्य हथियारों में लंबी दूरी की R-37M मिसाइल और मध्यम दूरी की RVV-SDM मिसाइल शामिल हैं. इन मिसाइलों में आधुनिक फायर एंड फॉरगेट गाइडेंस सिस्टम लगे हैं. इससे पायलट मिसाइल लॉन्च करने के तुरंत बाद दूसरे खतरों से निपटने या फिर पैंतरेबाजी करने के लिए आजाद हो जाते हैं. साथ ही मिसाइल खुद ही अपने टारगेट को ट्रैक करती रहती है. इस लड़ाकू विमान में N036 Byelka एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (AESA) रडार लगा है, जिसे एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर सिस्टम का सपोर्ट मिलता है. ये सिस्टम विमान को एक साथ कई टारगेट का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उन पर हमला करने में सक्षम बनाते हैं.

यह भी पढ़ेंः बिहार का सबसे पढ़ा-लिखा जिला कौन सा, क्या है साक्षरता रेट?