Independence Day: देशभर में हर साल की तरह इस साल भी 15 अगस्त बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. स्कूल से लेकर कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन क‍िया जाएगा। लेकिन स्कूल और क‍िताबों से इतर यह माता-पिता की भी अहम जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को बचपन से ही देश के इतिहास और वीरों के बलिदान की कहानियां सुनाएं. इससे बच्‍चों के दिल में छोटी उम्र से ही देश के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना विकसित हो जाती है.  इसलिए बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार, कहानियों और रोजमर्रा के उदाहरणों से आजादी का महत्व सिखाना जरूरी है. 

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ऐतिहासिक जगहों पर घूमाने ले जाए

इस साल 15 अगस्‍त पर लॉन्‍ग वीकेंड पड रहा है, तो ऐसे में अगर संभव हो, तो आप अपने बच्‍चों को लेकर क‍िसी ऐत‍िहास‍िक जगह घूमने भी जा सकते हैं. अगर कहीं बाहर नहीं जा रहे हैं, तो आप अपने शहर में ही कोई ऐसा स्‍पॉट ढूंढ सकते हैं, जो देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी हों. क्योंकि बच्चों आखों देखी चीजों पर ज्यादा भरोसा करते हैं, इससे वे देश के आजादी के महत्व को ज्यादा गहराई से समझ पाएंगे. 

देशभक्ति मूवी दिखाएं

आजादी को आसान भाषा में समझाने के लिए बच्चों को स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित फि‍ल्में दिखाना चाहिए. हमारे देश के कई फिल्ममेकर्स ने आजादी के आंदोलन और वीर सेनानियों की कहानियों को बेहद शानदार तरीके से बड़े पर्दे पर उतारा है. इन फिल्मों के ज़रिए माता-पिता अपने बच्चों को न सिर्फ आजादी का महत्व समझा सकते हैं, बल्कि उन्हें उन वीरों से भी परिचित करा सकते हैं, जिनके बलिदान से आज हम खुली हवा में सांस ले सकते हैं. 

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कहानियों के जरिए 

छोटे बच्चों को आजादी जैसे बड़े शब्द का मतलब समझ नहीं आता. उन्हें आजादी का महत्व समझाने के लिए आप आजादी के नायकों या अंग्रेजों के जुल्म की कहानियां सुना सकते हैं. उन्हें बताएं कि अग्रेजों के समय हमारे देश की क्या दशा थी वह कैसे हम भारतीयों पर जुल्म करते थे.वहीं आज हम कितनी शान और आजादी के साथ अपनी जिदंगी जी रहे हैं. साथ ही उन्हें तिरंगे के तीन रंगों और चक्र का महत्व बहुत ही सरल भाषा में समझाएं. 

चर्चा और बहस के जरिए

आजादी का महत्व समझाने के लिए आप अपने बच्चों के साथ देश की मौजूदा स्थिति, लोकतंत्र और अधिकारों पर खुलकर बात कर सकते हैं. उन्हें आजादी से जुड़े ऐतिहासिक सिनेमा या डॉक्यूमेंट्री दिखाएं और फिर उस पर उनकी राय जानें. अगर किसी बिषय को लेकर उनके विचार थोड़े अलग है तो आप उनको सही बात समझाएं. 

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अधिकार और कर्तव्य 

बच्चों को बचपन से ही यह समझाना बहुत जरूरी है कि आजादी का मतलब सिर्फ अपनी मनमर्जी करना नहीं होता. असली आजादी अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ आती है. उन्हें बताएं कि हमारे देश का संविधान हमें अपनी बात रखने, पढ़ने और अपनी मर्जी से जीने की पूरी आजादी देता है. लेकिन इस आजादी के साथ हमारे कुछ कर्तव्य भी जुड़े हैं. जैसे अगर हमें साफ सड़क पर चलने का अधिकार है, तो सड़क पर कचरा न फेंकना हमारा कर्तव्य है. अगर हमें बोलने की आजादी है, तो दूसरों का अपमान न करना हमारी जिम्मेदारी है. 

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