Strawberry Moon 2026: आज की रात आसमान देखने वालों के लिए बहुत खास होने वाली है, जून महीने की पूर्णिमा यानी स्ट्रॉबेरी मून आज रात दिखाई देगा. हर साल जून में दिखने वाली पूर्णिमा का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इस दिन चांद सामान्य दिनों के मुकाबले बड़ा और ज्यादा आकर्षक नजर आता है. हालांकि कई लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सच में इस दिन चांद का आकार बढ़ जाता है या फिर यह सिर्फ आंखों का भ्रम होता है. अगर आप भी आज रात इस खूबसूरत नजारे को देखने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले जान लीजिए कि आखिर स्ट्रॉबेरी मून क्या होता है और नॉर्मल चांद से यह इतना बड़ा क्यों हो जाता है. 

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क्या सच में बड़ा हो जाता है चांद?

आज शाम जब चांद क्षितिज के पास उगेगा तो पहली नजर में यह सामान्य से कहीं बड़ा दिखाई देगा, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय चांद का आकार बिल्कुल नहीं बदलता है. इसका कारण एक ऑप्टिकल इल्यूजन यानी मून इल्यूजन होता है. जब चांद जमीन के बहुत करीब दिखाई देता है, तब उसके आसपास पेड़, इमारतें, पहाड़ और दूसरी वस्तुएं मौजूद होती है. हमारा दिमाग इन चीजों के साथ चांद के आकार की तुलना करने लगता है. इस वजह से चांद हमें सामान्य से काफी बड़ा दिखाई देता है. जैसे-जैसे रात बढ़ती है और चांद आसमान में ऊपर पहुंचता है, यह भ्रम खत्म होने लगता है और चांद फिर सामान्य आकार का नजर आता है. 

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क्यों पड़ा स्ट्रॉबेरी मून नाम? 

स्ट्रॉबेरी मून नाम सुनकर अक्सर लोगों को लगता है कि इस दिन चांद गुलाबी स्ट्रॉबेरी जैसा लाल दिखाई देगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता. स्ट्रॉबेरी मून का चांद के रंग से कोई संबंध नहीं है. दरअसल उत्तर पूर्वी अमेरिका की एल्गोनक्विन जनजाति जून के महीने में जंगली स्ट्रॉबेरी की फसल काटती है. इसी वजह से उन्होंने जून की पूर्णिमा को स्ट्रॉबेरी नाम दिया. बाद में यह नाम पूरी दुनिया में प्रचलित हो गया, यानी इस दिन चांद का रंग स्ट्रॉबेरी जैसा नहीं होता बल्कि यह नाम केवल मौसम और फसल से जुड़ी परंपरा की वजह से पड़ा है. वहीं आज चंद गुलाबी नहीं होगा, लेकिन जब शाम को धरती के पास उगेगा तो उसका रंग हल्का सुनहरा पीला या नारंगी दिखाई दे सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उसे समय चांद की रोशनी को पृथ्वी के वायुमंडल की मोटी परत से होकर गुजरना पड़ता है. इस दौरान नीली रोशनी वातावरण में बिखर जाती है, जबकि लाल और पीले रंग की तरंग हमारी आंखों तक पहुंचती है. इसी वजह से चांद सुनहरे रंग का दिखाई देता है 

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इस साल स्ट्रॉबेरी मून क्यों माना जा रहा है खास?

इस बार स्ट्रॉबेरी मून कई वजह से खास माना जा रहा है. यह जून के समर सोल्सटिस यानी साल के सबसे लंबे दिन के बाद आने वाली पहली पूर्णिमा है. इसी कारण उत्तरी गोलार्ध में चांद सामान्य से काफी नीचे दिखाई देगा और पूरी रात दक्षिण दिशा के आसपास अपनी यात्रा करेगा. इसके अलावा यह इसलिए साल के सबसे छोटे पूर्ण चंद्रमाओं में भी शामिल है, क्योंकि यह उस समय दिखाई दे रहा है जब चांद अपनी कक्षा में पृथ्वी से अपेक्षाकृत ज्यादा दूर मौजूद है. वैज्ञानिक इसे माइक्रो मून भी कहते हैं, हालांकि वास्तविक आकार थोड़ा छोटा होने के बावजूद मूल इल्यूजन के कारण यह लोगों को पहले से कहीं ज्यादा बड़ा दिखाई देगा.

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