Shehzad Poonawalla Net Worth: बीजेपी के तेज-तर्रार और अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले शहजाद पूनावाला को लेकर खबर है कि उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ दिया है. बीते दो दिनों से सोशल मीडिया पर उनको लेकर अलग माहौल देखने को मिल रहा है. बीते शुक्रवार को उन्होंने साफ कर दिया है कि अब वे भाजपा के साथ नहीं हैं. इसी बीच उनको लेकर अलग-अलग सवाल उठने चालू हो गए हैं. कोई उनकी नेटवर्थ के बारे में बात कर रहा है तो कोई पूछ रहा है कि उनकी कमाई कहां से हो रही है. आइए चलिए इन सबस सवालों के जवाब इस आर्टिकल में देते हैं. 

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शहजाद पूनावाला की नेट वर्थ?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शहजाद पूनावाला की कुल संपत्ति लगभग 70 लाख डॉलर आंकी गई है. अगर इस रकम को भारतीय मुद्रा में देखा जाए तो यह राशि करीब 65 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है. चूंकि पूनावाला ने न तो अब तक कभी विधानसभा का चुनाव लड़ा है और न ही कभी संसदीय चुनाव लड़ा है, इसलिए अब तक तो उन्होंने चुनाव आयोग में अपनी संपत्ति का हलफनामा जमा नहीं कराया है. यही वजह है कि उनकी कुल कमाई और कुल संपत्ति का कोई सरकारी या आधिकारिक आंकड़ा मौजूद नहीं है. रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी असल संपत्ति इस आंकड़े से थोड़ी कम या फिर ज्यादा भी हो सकती है.

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वकालत और पेशेवर गतिविधियों से आय

राजनीति में आने के अलावा शहजाद पूनावाला पेशे से एक क्वालिफाइड और सर्टिफाइड वकील भी हैं. कानूनी दुनिया में सक्रिय रहने के कारण वकालत भी उनकी मुख्य आय का एक अहम जरिया माना जाता है. उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद कई कानूनी मामलों में अपनी सेवाएं दी हैं. इसके साथ ही वे विभिन्न मंचों पर लीगल कंसल्टेंसी और कानूनी सलाह देने का काम भी करते हैं. एक सफल वकील के रूप में कोर्ट-कचहरी के काम और अन्य लीगल असाइनमेंट के जरिए उन्हें हर महीने एक बेहतरीन और सम्मानजनक कमाई हासिल हो जाती है.

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मीडिया डिबेट्स और पब्लिक स्पीकिंग से आय

शहजाद पूनावाला की आमदनी का एक बड़ा हिस्सा मीडिया में उनकी मजबूत उपस्थिति से भी आता है. विभिन्न टीवी चैनलों की तीखी राजनीतिक बहसों में शामिल होना, विचार-विमर्श करना और विश्लेषक के रूप में अपनी राय रखना उनकी पहचान का हिस्सा है. वे पब्लिक स्पीकिंग एंगेजमेंट और सम्मेलनों में भी मुख्य वक्ता के तौर पर हिस्सा लेते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी सक्रिय रहने और देश के बड़े मंचों पर अपनी बात बेबाकी से रखने के बदले भी उन्हें पेशेवर असाइनमेंट के रूप में अच्छी रकम प्राप्त होती है. 

राजनीतिक पदों से मिलने वाले भत्ते

भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली आईटी सेल जैसी बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के कारण उनका राजनीतिक दायरा काफी बड़ा है. हालांकि उन्हें मिलने वाले सटीक वेतन या तय भत्तों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की पार्टी में मुख्य पद पर होने के नाते उन्हें मासिक भत्ते और सुविधाएं जरूर मिलती होंगी. उनकी मजबूत राजनीतिक पहुंच, पार्टी के वरिष्ठ पदों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के कारण उनकी आय की स्थिरता हमेशा बनी रहती है. 

कांग्रेस से बगावत और भाजपा में एंट्री

शहजाद पूनावाला ने साल 2008 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की रिसर्च टीम से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. वे पुणे एनएसयूआई के उपाध्यक्ष और महाराष्ट्र कांग्रेस में सचिव पद पर भी रहे. हालांकि 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के दौरान उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया और प्रक्रिया पर सवाल उठाए. इस बगावत के बाद उनके भाई तहसीन और परिवार ने उनसे दूरी बना ली. इसके बाद 2017 में ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया, जहां उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई.

पारिवारिक बैकग्राउंड

शहजाद पूनावाला का जन्म 17 अक्टूबर 1987 को महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था. उनके पिता सरफराज पूनावाला एक कारोबारी थे, जिनका निधन 1992 में ही हो गया था. उनके भाई तहसीन पूनावाला भी देश के जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक हैं. शहजाद ने पुणे के सेंट विंसेंट हाई स्कूल से शुरुआती शिक्षा प्राप्त करने के बाद एमआईटी और सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से वकालत (LLB) की डिग्री ली है.

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