Immortal Creature: समुद्र की गहराई में खोजे गए एक रहस्यमई जीव ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है. एक समुद्री जीव को स्टडी कर रहे शोधकर्ताओं ने यह पाया कि उसके शरीर के कुछ हिस्से कट जाने के बाद भी वे अलग हुए टुकड़े सालों तक जीवित रहे, ठीक हुए और बढ़ते रहे. इस खोज से अब बुढ़ापा रोकने वाले शोध और अंगों को फिर से उगाने की तकनीक में भविष्य की बड़ी सफलताओं की उम्मीद बढ़ गई है. उत्तरी अटलांटिक महासागर में पाया गया यह जीव Psolus Fabricii नाम के समुद्री खीरे की एक प्रजाति से संबंधित है.
कटे हुए हिस्से ठीक होते रहे
प्रयोग के दौरान शोधकर्ताओं ने इस जीव के ट्यूब जैसे पैरों, टेंटेकल्स और शरीर के दूसरे हिस्सों से छोटे-छोटे टुकड़े निकाले. आमतौर पर जीवित जीवों में शरीर से अलग हुए टिशूज जल्दी ही सड़ जाते हैं और मर जाते हैं. लेकिन इस मामले में अलग होने के बाद भी यह टुकड़े खुद की मरम्मत करते रहे. वैज्ञानिकों को इससे भी ज्यादा हैरानी इस बात पर हुई कि शरीर के ये हिस्से बिना मुंह के भी जीवित रहे. इसके बावजूद वे किसी तरह सीधे समुद्री पानी से पोशक तत्व सोखने और स्वतंत्र रूप से जीवित रहने में सक्षम थे.
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वैज्ञानिकों ने उन्हें जॉम्बी टुकड़े का नाम दिया
हालांकि अलग हुए टुकड़े जीवित रहे लेकिन वह पूरी तरह से नए जीव के रूप में विकसित नहीं हुए. वे काफी लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से जीवित रहे और अपनी बुनियादी जैविक गतिविधियां जारी रखीं. इस अजीब व्यवहार की वजह से वैज्ञानिकों ने इन टुकड़ों को जॉम्बीज कहना शुरू कर दिया.
यह खोज इतनी जरूरी क्यों?
शोधकर्ताओं का मानना है कि भविष्य में इस खोज का चिकित्सा के क्षेत्र में काफी महत्व हो सकता है. वैज्ञानिक अब इस जीव की स्टीम कोशिकाओं और डीएनए का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं. ऐसा इसलिए ताकि इस बात को समझा जा सके कि अलग होने के बाद भी इसके टिशु कैसे काम करते हैं. वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि यह शोध भविष्य में अंगों को फिर से उगाने की तकनीक को बढ़ावा दे सकता है.
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लंबे समय में इस तरह के अध्ययन डॉक्टर को खराब हुए टिशु की मरम्मत करने या फिर मनुष्यों के कुछ अंगों को फिर से उगाने में भी मदद कर सकते हैं. हालांकि यह संभावनाएं अभी वास्तविकता से काफी दूर हैं.
