राहुल गांधी की राजनीति के साथ उनकी धार्मिक पहचान को लेकर भी अक्सर चर्चा होती रही है. राहुल गांधी कई मौकों पर खुद को हिंदू बता चुके हैं और भगवान शिव का भक्त होने की बात भी कह चुके हैं. 2021 में उन्होंने साफ कहा था कि वह हिंदू हैं, लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं. मंदिरों में दर्शन को लेकर भी वह कई बार चर्चा में रहे हैं.

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अब यह मुद्दा एक बार फिर सामने आया है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भगवान राम और भगवान शिव को लेकर बयान दिया, जिसके बाद बीजेपी ने उनके बयान पर सवाल उठाए. इसी विवाद के बीच बीजेपी ने राहुल गांधी को तक कह दिया है. ऐसे में जानते हैं कि राहुल गांधी खुद अपने धर्म और भगवान की पूजा को लेकर क्या कह चुके हैं.

राहुल गांधी खुद को हिंदू बता चुके हैं

राहुल गांधी ने दिसंबर 2021 में जयपुर की एक रैली में कहा था कि वह हिंदू हैं, लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं. उन्होंने अपने भाषण में हिंदू और हिंदुत्ववादी को दो अलग शब्द बताते हुए उनके बीच अंतर भी समझाया था. इस बयान में उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान को हिंदू के रूप में बताया था. उनके इस बायान से उनकी धार्मिक पहचान को हिन्दू कहा जा सकता है.

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भगवान शिव के भक्त होने की बात भी कही

2017 में गुजरात चुनाव के दौरान मंदिरों में जाने को लेकर राहुल गांधी से सवाल किए गए थे. तब उन्होंने खुद को भगवान शिव का भक्त बताया था. उसी दौर में उन्होंने यह भी कहा था कि उनका परिवार शिव भक्त है,  और परिवार अपनी धार्मिक आस्था को निजी मामला मानता है. और इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करता. उस चुनाव दौरे के दौरान वह द्वारकाधीश, अक्षरधाम, अम्बाजी और दुसरे मंदिरों के दर्शन करने भी गए थे.

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रेवंत रेड्डी ने राम और शिव को लेकर क्या कहा?

28 सितंबर 2026 को रेवंत रेड्डी ने भगवान राम और भगवान शिव को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि दक्षिण में शिव की भक्ति की परंपरा है और उत्तर भारत में राम की भक्ति ज्यादा दिखाई देती है. उन्होंने शिव को गरीबों और राम को अमीरों से जोड़कर भी बात कही और बीजेपी पर भगवान राम को राजनीतिक प्रतीक बनाने का आरोप लगाया. उनके बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने इसका विरोध किया और कहा कि भगवान राम और शिव को इस तरह अलग-अलग खांचों में नहीं बांटना चाहिए.

बीजेपी ने राहुल गांधी को नास्तिक क्यों बताया?

रेवंत रेड्डी के भगवान राम और शिव को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की धार्मिक आस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने राहुल गांधी के 2014 और 2024 में लोकसभा सदस्य के तौर पर ली गई शपथ का उदाहरण दिया. त्रिवेदी के मुताबिक, 2014 में राहुल गांधी ने भगवान के नाम पर शपथ ली थी, जबकि 2024 में उन्होंने भगवान का नाम लिए बिना शपथ ली. इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी को नास्तिक बताया. उन्होंने राहुल गांधी के सार्वजनिक तौर पर भगवान शिव का जयकारा लगाने को लेकर भी सवाल किया.

राहुल गांधी की पूजा और धर्म को लेकर तस्वीर क्या है?

राहुल गांधी के अपने सार्वजनिक बयानों को देखें तो उन्होंने खुद को हिंदू बताया है और भगवान शिव का भक्त होने की बात कही है. वह कई मंदिरों में दर्शन भी कर चुके हैं. वहीं हिंदू और हिंदुत्व को लेकर उन्होंने अपना अलग नजरिया बताया है. दूसरी तरफ नास्तिक बताए जाने की बात दूसरे राजनीतिक नेताओं के बयानों में सामने आई है. इसलिए इस मुद्दे को समझते समय राहुल गांधी के अपने बयानों और दूसरे नेताओं के राजनीतिक दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है.

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