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आखिर कितना है पृथ्वी का वजन, जानें क्या यह घट या बढ़ सकता है?

स्पर्श गोयल   |  29 Sep 2026 07:09 PM (IST)
आखिर कितना है पृथ्वी का वजन, जानें क्या यह घट या बढ़ सकता है?

Weight of Earth: पृथ्वी अंतरिक्ष में तैरती हुई एक ऐसी बड़ी चीज लग सकती है जिसमें कोई बदलाव नहीं होता लेकिन असल में इसका मास हर समय बदल रहा है. वैज्ञानिकों का ऐसा अनुमान है कि पृथ्वी का मास लगभग 5.972×10²⁴ किलोग्राम है. लेकिन इसके बावजूद भी अंतरिक्ष में जाने वाली गैस, रेडियोधर्मी क्षय और इंसानी अंतरिक्ष मिशन लगातार कुछ मास कम करते रहते हैं और अंतरिक्ष की धूल और उल्कापिंड इसमें मास जोड़ते हैं. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पृथ्वी हल्की हो रही है या फिर भारी? आइए जानते हैं.

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पृथ्वी का अनुमानित मास लगभग 5.972×10²⁴ किलोग्राम है. इससे इसके कुल द्रव्यमान में छोटे-मोटे बदलावों का पता लगाना काफी मुश्किल हो जाता है.

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वैज्ञानिकों का ऐसा अनुमान है कि पृथ्वी हर साल लगभग 50000 से 81000 टन मास खो देती है. मुख्य रूप से इस वजह से क्योंकि ऊपरी वायुमंडल से गैस अंतरिक्ष में चली जाती है.

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ऐसा अनुमान है कि हर साल लगभग 95 हजार टन हाइड्रोजन और 1600 टन हीलियम अंतरिक्ष में चली जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये हल्की गैस पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव से बाहर निकल जाती हैं.

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पृथ्वी के अंदर होने वाले रेडियोधर्मी प्रक्रियाओं से ऊर्जा निकलती है. यह आखिरकार रेडिएशन के रूप में अंतरिक्ष में चली जाती है. इससे हर साल लगभग 160 टन मास का नुकसान होता है.

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पृथ्वी से बाहर भेजे जाने वाले रॉकेट, उपग्रह और अंतरिक्ष प्रोब भी ग्रह से सामग्री बाहर ले जाते हैं. इससे सालाना मास के नुकसान में कुछ 100 टन की कमी होती है.

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अंतरिक्ष की धूल, क्षुद्रग्रह के टुकड़े और उल्कापिंड लगातार पृथ्वी पर गिरते रहते हैं. इससे हर साल पृथ्वी के मास में लगभग 16000 से 40000 टन की बढ़ोतरी होती है.

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जब अंतरिक्ष से मिलने वाले मास की तुलना वायुमंडल से गैसों से निकलने और दूसरी प्रक्रियाओं से होने वाले नुकसान से की जाती है तो कुल बदलाव यह बताता है कि पृथ्वी धीरे-धीरे मास खो रही है.

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हालांकि हजारों टन का नुकसान काफी बड़ा लग सकता है लेकिन पृथ्वी के कुल मास की तुलना में यह बदलाव काफी कम है.

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