US Airbases Iran: तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और इलाके की सुरक्षा चिंताओं को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ चुका है. इसके जवाब में वॉशिंगटन ने पूरे मिडल ईस्ट में अपनी मिलिट्री मौजूदगी को काफी ज्यादा मजबूत कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप के राज में अमेरिका ने इस इलाके में अपनी तैनाती को इतना बढ़ा दिया है जितना दशकों में नहीं देखा गया. इसी बीच आइए जानते हैं कि ईरान के पास अमेरिका के कितने एयरबेस हैं और ट्रंप की सेना कहां-कहां तैनात हो चुकी है.

Continues below advertisement

ईरान के आसपास अमेरिकी मिलिट्री मौजूदगी 

अमेरिका ईरान की सीमा से लगे या उसके आसपास के स्ट्रैटेजिक देश में कम से कम 19 मिलिट्री साइट्स रखता है. यह ठिकाने देश के चारों ओर एक डिफेंसिव और अटैकिंग घेरा बनाते हैं. कतर में अल उदित एयर बेस मिडल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है. इसमें 10000 से ज्यादा सैनिक हैं और यह एक सेंट्रल कमांड और एयर ऑपरेशन हब के तौर पर काम करता है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि मिसाइल हमले के खतरे को कम करने के लिए हाल ही में कुछ इक्विपमेंट और लोगों को दूसरे रीजनल बेस पर भेजा गया है. 

Continues below advertisement

जॉर्डन में मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस अमेरिकी एयर पावर के लिए एक बड़ा कंस्ट्रक्शन पॉइंट बन गया है. 2026 की शुरुआत की सैटलाइट इमेजरी तौर पर वहां दर्जनों एयरक्राफ्ट दिख रहे हैं. इनमें F35 और F15 फाइटर जेट, इलेक्ट्रॉनिक वाॅरफेयर एयरक्राफ्ट और MQ 9 रीपर ड्रोन शामिल हैं.

कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस और अहमद अल जाबेर एयर बेस में कुल मिलाकर लगभग 13500 अमेरिकी सैनिक हैं. ये बेस   F-15, F-16 और A-10 एयरक्राफ्ट जैसे फाइटर स्क्वाड्रन को सपोर्ट करते हैं. संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा एयर बेस में लगभग 5000 अमेरिकी लोग हैं. यह एक अहम सर्विलास और स्ट्राइक प्लेटफार्म के तौर पर काम करता है. हाल ही में यहां पर F-22 रेट्टर और F-35 लाइटनिंग II जैसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट की तैनाती देखी गई है. इसी के साथ बहरीन में यूनाइटेड स्टेट्स फिल्थ प्लेट का हेड क्वार्टर फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में नेवल ऑपरेशन की देखरेख करता है.

कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और नेवल  डिप्लॉयमेंट

फिक्स्ड बेस के अलावा यूएस नेवी ने ईरानी पानी के पास ताकतवर करियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड अरब सागर और खाड़ी इलाके में या उसके पास काम कर रहे हैं. हर करियर स्ट्राइक ग्रुप में गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर, क्रूजर, सबमरीन और दर्जनों एयरक्राफ्ट शामिल हैं. 

ट्रूप लेवल और एयर डिफेंस सिस्टम 

 ऐसा कहा जा रहा है कि पूरे मेडलिस्ट में 30,000 से 40,000 यूएस  ट्रूप हाई अलर्ट पर हैं. कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और नेवल फोर्स के अलावा वाशिंगटन ने रीजनल मिसाइल डिफेंस सिस्टम को और मजबूत किया है.  रिपोर्ट के मुताबिक जॉर्डन और कतर जैसे देशों में पैट्रियट और THAAD मिसाइल डिफेंस बैटरी को तैनात किया गया है या फिर उन्हें मजबूत किया गया है, ताकि ईरान के संभावित बैलिस्टिक मिसाइल खतरे का मुकाबला किया जा सके.

ये भी पढ़ें: रूस-यूक्रेन की जंग में अब तक कितने सैनिकों की हो चुकी है मौत, क्या कहते हैं आंकड़े?