प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कई बातें लोगों के बीच चर्चा में रहती हैं. उनके काम, सुरक्षा, घर और रोजमर्रा की जिंदगी को लेकर भी लोगों के मन में कई सवाल आते हैं. ऐसा ही एक सवाल यह है कि प्रधानमंत्री के घर में इस्तेमाल होने वाली बिजली का बिल कौन भरता है. क्या इसका भुगतान सरकार करती है या फिर प्रधानमंत्री खुद इसका खर्च उठाते हैं? दरअसल, प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास सामान्य घरों से अलग होता है और यहां बिजली-पानी जैसी सुविधाओं से जुड़े खर्च के लिए सरकारी नियम लागू होते हैं. आइए जानते हैं इससे जुड़ी पूरी जानकारी.

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पीएम मोदी का घर कौन सा है?

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद से नई दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग स्थित आधिकारिक प्रधानमंत्री आवास में रहते हैं. यह एक सामान्य निजी घर नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री के पद से जुड़ा सरकारी आवास है. इस परिसर में कई अलग-अलग इमारतें और सुविधाएं मौजूद हैं. प्रधानमंत्री के रहने के साथ-साथ यहां सुरक्षा और आधिकारिक काम से जुड़ी व्यवस्थाएं भी होती हैं. इसी वजह से इस जगह का बिजली का इस्तेमाल भी सामान्य घर की तरह नहीं देखा जाता. प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास में बिजली की व्यवस्था सरकारी नियमों के अनुसार की जाती है और इससे जुड़े खर्च का हिसाब भी रखा जाता है.

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बिजली का बिल कौन भरता है?

प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास में होने वाले बिजली के खर्च का भुगतान सरकारी व्यवस्था के तहत किया जाता है. इसका मतलब यह है कि प्रधानमंत्री अपने निजी पैसे से इस सरकारी आवास का बिजली बिल नहीं भरते. प्रधानमंत्री को मिलने वाले आधिकारिक आवास और उससे जुड़ी सुविधाओं के लिए सरकार की ओर से नियम तय किए जाते हैं. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि बिजली का इस्तेमाल बिना किसी हिसाब के किया जाता है. सरकारी संपत्ति और सुविधाओं के इस्तेमाल से जुड़े खर्च का रिकॉर्ड रखा जाता है. प्रधानमंत्री के निजी इस्तेमाल और सरकारी काम से जुड़े खर्च के बीच भी नियमों के अनुसार अंतर किया जाता है.

प्रधानमंत्री को मिलती हैं कई सरकारी सुविधाएं

प्रधानमंत्री का पद देश के सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों में शामिल है. इसलिए प्रधानमंत्री को काम के लिए आधिकारिक आवास, सुरक्षा, वाहन और दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जाती हैं. इन सुविधाओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री को सुरक्षित माहौल देना और उनके आधिकारिक काम को आसान बनाना होता है. प्रधानमंत्री का आवास भी इसी सरकारी व्यवस्था का हिस्सा है. बिजली, पानी और दूसरी सुविधाओं का खर्च भी तय नियमों के अनुसार सरकारी व्यवस्था से जुड़ा होता है. वहीं प्रधानमंत्री की निजी चीजों और निजी खर्च का भुगतान अलग तरीके से किया जाता है. इसलिए पीएम के घर के बिजली बिल को लेकर यह समझना जरूरी है कि सरकारी आवास और निजी घर की व्यवस्था एक जैसी नहीं होती.

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