मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक बार फिर किस्मत का अनोखा खेल देखने को मिला है. उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले एक साधारण दंपति ने सोशल मीडिया पर रील देखकर हीरा तलाशने का फैसला किया और आज वे लखपति बन चुके हैं. दंपति ने पन्ना के हीरा कार्यालय से मात्र 200 का सरकारी पट्टा लिया था, जिसके बाद उनकी खदान से एक-दो नहीं बल्कि पूरे 4 कीमती हीरे निकले हैं. इस खबर के बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आम इंसान पन्ना में कैसे हीरे की खदान ले सकता है.

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रील देखकर बनाया पन्ना आने का मन

झांसी के रहने वाले राजकुमार श्रीवास और उनकी पत्नी गुड्डी देवी बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं और मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा चलाते थे. कुछ समय पहले इस दंपति ने सोशल मीडिया रील पर पन्ना की हीरा खदानों और वहां लोगों की रातों-रात बदलती किस्मत के वीडियो देखे. रील देखने के बाद दोनों ने पन्ना जाकर भाग्य आजमाने का फैसला किया.

दंपति ने पन्ना पहुंचकर हीरा कार्यालय में आवेदन किया और सरकारी नियमों के तहत सरकोहा क्षेत्र में एक छोटा सा प्लॉट पट्टे पर ले लिया. इसके बाद दोनों ने करीब 6 महीने तक दिन-रात खदान में कड़ी मेहनत की. आखिरकार उनकी किस्मत ने साथ दिया और खुदाई के दौरान उन्हें 5.16 कैरेट वजन के 4 हीरे मिले. बाजार में इन हीरों की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी जा रही है. हीरा मिलते ही दंपति ने इसे सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है.

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क्या पन्ना में कोई भी शुरू कर सकता है हीरे की खदान?

झांसी के दंपति की यह कहानी सामने आने के बाद देश भर के लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि क्या कोई भी आम इंसान पन्ना में हीरे की खदान खोल सकता है. इसका सीधा जवाब है - हां. भारत का कोई भी नागरिक मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में आकर कानूनी रूप से हीरे की उथली खदान शुरू कर सकता है. इसके लिए किसी बड़ी कंपनी या करोड़ों रुपये के निवेश की जरूरत नहीं होती. एक आम मजदूर से लेकर मध्यमवर्गीय व्यक्ति तक, कोई भी तय प्रक्रिया का पालन करके हीरा खोजने का काम शुरू कर सकता है.

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पन्ना में खदान लेने की पूरी सरकारी प्रक्रिया

पन्ना जिला प्रशासन और स्थानीय हीरा कार्यालय द्वारा आम जनता को हीरा खोजने के लिए छोटे-छोटे प्लॉट पट्टे पर आवंटित किए जाते हैं. इसके लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति अनिवार्य रूप से भारत का नागरिक होना चाहिए. आवेदक के पास अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और 3 पासपोर्ट साइज फोटो होने चाहिए.खदान का पट्टा लेने के लिए पन्ना के हीरा कार्यालय में आवेदन फॉर्म भरना होता है. 

इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से मात्र 200 रुपये का सरकारी चालान जमा करना पड़ता है. सभी दस्तावेज और फीस जमा होने के बाद प्रशासन आवेदक को 8×8 मीटर का एक छोटा सा जमीन का टुकड़ा अलॉट कर देता है. यह पट्टा आमतौर पर 6 महीने से लेकर 1 साल तक के लिए वैध होता है.

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