Pakistan Foreign Debt: भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की हाल खस्ता है. हालात इतने बुरे हैं कि मुल्क लंबे समय से कर्ज के जाल में फंसा हुआ है. रक्षा क्षेत्र हो या फिर विकास परियोजनाएं, सबकुछ विदेश से मिलने वाले कर्ज पर ही निर्भर है. पाकिस्तान को सबसे ज्यादा कर्ज देने वाले देशों में अमेरिका और चीन प्रमुख हैं, जो अब तक इस देश को अरबों डॉलर मदद के नाम पर दे चुके हैं.
ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर पाकिस्तान सबसे ज्यादा कर्ज किस देश से लेता है? क्या अमेरिका उसका सबसे बड़ा मददगार है या फिर चीन उसकी सबसे ज्यादा मदद करता है? ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि पाकिस्तान सबसे ज्यादा उधार किस देश से लेता है और किसका कितना अभी बकाया कर्ज है.
चीन से कितना कर्ज लेता है पाकिस्तान?
पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट, विदेशी मुद्रा की कमी और बढ़ते कर्ज के दबाव से जूझ रहा है. पुराने कर्ज चुकाने के लिए उसे बार-बार नए कर्ज और पुराने लोन के रोलओवर का सहारा लेना पड़ता है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, चीन और अन्य वित्तीय संस्थानों की भूमिका उसके लिए बहुत अहम बनी हुई है. पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, कुछ समय पहले भी चीन ने पाकिस्तान को 3.4 अरब डॉलर की वित्तीय मदद उपलब्ध कराई है. इसमें 2.1 अरब डॉलर का वह कर्ज शामिल है, जो पहले से पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा था और अब इसे आगे के लिए बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा 1.3 अरब डॉलर के एक कमर्शियल लोन का भी रिफाइनेंस किया गया है, जिसे पाकिस्तान ने कुछ महीने पहले चुकाया था.
अमेरिका भी है पाकिस्तान का बड़ा कर्जदाता
चीन के बाद पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसे संस्थानों पर काफी निर्भर है. आईएमएफ के साथ पाकिस्तान 7 अरब डॉलर के बेल आउट कार्यक्रम के तहत आर्थिक सुधार लागू कर रहा है. इसके अलावा विश्व बैंक और दूसरे बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं का भी पाकिस्तान पर बड़ा कर्ज बकाया है. वहीं अमेरिका का नाम भी अक्सर पाकिस्तान की आर्थिक मदद के साथ जोड़ा जाता है. लेकिन प्रत्यक्ष द्विपक्षीय कर्ज के मामले में चीन अमेरिका से काफी आगे है. अमेरिका ने पिछले कई दशकों में पाकिस्तान को आर्थिक और रक्षा सहायता जरूर दी है, लेकिन मौजूदा समय में पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेनदार चीन माना जाता है.
पाकिस्तान का सबसे बड़ा कर्ज दाता कौन?
कई रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान का सबसे बड़ा विदेशी कर्ज दाता चीन है. अलग-अलग रिपोर्ट्स में चीन का बकाया कर्ज जो 26.6 अरब डॉलर से लेकर करीब 29 अरब डाॅलर तक बताया गया है. अगर चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा से जुड़े निवेश और परियोजनाओं को भी शामिल किया जाए तो यह राशि और ज्यादा मानी जाती है. पाकिस्तान के कुल विदेशी कर्ज में चीन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. यही कारण है कि जब भी पाकिस्तान पर विदेशी मुद्रा का संकट गहराता है, तब चीन कई बार पुरानी कर्ज का रोलओवर कर उसकी मदद करता है. चीन से लिया गया अधिकांश कर्ज चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना से जुड़ा हुआ है. इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 62 अरब डॉलर बताई जाती है, जिसके तहत सड़क, बिजली, बंदरगाह और दूसरे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम किया गया, लेकिन इसके साथ पाकिस्तान पर कर्ज का दबाव भी लगातार बढ़ता गया.
कुल कितना है पाकिस्तान का विदेशी कर्ज?
आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान का कुल बाहरी कर्ज और देनदारी 130 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच चुकी है. घरेलू सार्वजनिक कर्ज को जोड़ दिया जाए तो कुल सार्वजनिक कर्ज इससे कहीं ज्यादा हो जाता है. लगातार बढ़ते कर्ज और कमजोर विदेशी मुद्रा भंडार की वजह से पाकिस्तान को पुराने कर्ज चुकाने के लिए नए कर्ज का सहारा लेना पड़ रहा है.
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