दुनियाभर में बढ़ती महंगाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. खाने-पीने की चीजों से लेकर पेट्रोल-डीजल तक सब कुछ महंगा होता जा रहा है. ऐसे समय में लोग यह भी जानना चाहते हैं कि पड़ोसी देशों की करेंसी आखिर कितनी मजबूत है और किस देश के पैसों की वैल्यू ज्यादा है. खासकर पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देयसों की करेसी को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है.
साथ ही पाकिस्तान इस समय आर्थिक परेशानी और महंगाई से भी जूझ रहा है. वहीं बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है. इसी वजह से दोनों देशों की करेंसी की तुलना भी लगातार होती रहती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉलर के मुकाबले पाकिस्तान की करेंसी ज्यादा कमजोर हुई है, जबकि बांग्लादेश की स्थिति उससे थोड़ी बेहतर मानी जाती है.
पाकिस्तान के 100 रुपये बांग्लादेश में कितने होते हैं?
अगर करेंसी की तुलना करें तो पाकिस्तान के 100 रुपये की कीमत बांग्लादेश में काफी कम हो जाती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 100 पाकिस्तानी रुपये की वैल्यू करीब 38 से 40 बांग्लादेशी टका के आसपास मानी जाती है. इसका मतलब यह है कि बांग्लादेश की करेंसी पाकिस्तान के मुकाबले ज्यादा मजबूत दिखाई देती है.
ऐसा इसलिए क्योंकि पाकिस्तान में लंबे समय से महंगाई और आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है. वहां डॉलर की कीमत लगातार बढ़ने से पाकिस्तानी रुपये की ताकत कमजोर होती गई. दूसरी तरफ बांग्लादेश ने अपने एक्सपोर्ट और उद्योगों के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को काफी हद तक संभालकर रखा हुआ है.
यह भी पढ़ेंः World Bank Countries Loan : दुनिया के सभी देशों को अब तक कितना कर्ज बांट चुका वर्ल्ड बैंक? रकम सुनकर पकड़ लेंगे माथा
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में किसकी करेंसी मजबूत?
अगर तीनों पड़ोसी देशों की तुलना करें तो भारतीय रुपये की स्थिति अभी पाकिस्तान से काफी मजबूत मानी जाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 अमेरिकी डॉलर के लिए पाकिस्तान में भारतीय रुपये के मुकाबले कहीं ज्यादा स्थानीय करेंसी देनी पड़ती है. यही वजह है कि पाकिस्तान में महंगाई का असर आम लोगों पर ज्यादा देखने को मिल रहा है.वहीं बांग्लादेश की करेंसी भी पाकिस्तान के मुकाबले बेहतर स्थिति में बताई जाती है. वहां जरूरी चीजों की कीमतें में बढ़ोतरी तो जरूर हुई हैं, लेकिन पाकिस्तान जैसी हालत नहीं बनी है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी देश की करेंसी मजबूत होने का सीधा असर वहां के लोगों की जिंदगी पर पड़ता है. अगर करेंसी कमजोर होती है तो बाहर से आने वाला सामान महंगा हो जाता है और लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ बढ़ता है.
आम लोगों की जिंदगी पर क्या पड़ता है असर?
जब किसी देश की करेंसी कमजोर होती है तो सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ता है. खाने का सामान, दवाइयां, पेट्रोल और रोजमर्रा की चीजें महंगी होने लगती हैं. पाकिस्तान में इन दिनों लोग इसी परेशानी का सामना कर रहे हैं. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि वहां महंगाई ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है. वहीं बांग्लादेश की स्थिति पाकिस्तान से थोड़ी बेहतर मानी जा रही है, लेकिन वहां भी लोग बढ़ती कीमतों से परेशान हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मजबूत अर्थव्यवस्था और कंट्रोल में महंगाई किसी भी देश की करेंसी को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है.
यह भी पढ़ेंः IMF vs World Bank: IMF और वर्ल्ड बैंक दोनों ही दुनिया को बांटते हैं कर्ज, जानें दोनों में कितना है अंतर?
