China Gaokao Exam Security: भारत में नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. देश भर में इस मामले की जांच चल रही है और लाखों छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं. इसी बीच दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिने जाने वाली चीन की गाओकाओ एग्जाम की भी चर्चा तेज हो गई है. अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर चीन की इस परीक्षा का पेपर कभी लीक क्यों नहीं होता है, वहां ऐसी कौन सी सुरक्षा व्यवस्था अपनाई जाती है, जिससे गोपनीयता बनी रहती है.

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गाओकाओ चीन की राष्ट्रीय कॉलेज प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर साल करोड़ों छात्र शामिल होते हैं. इस परीक्षा से ही छात्रों का देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलता है. चीन में इसे सिर्फ एक एंट्रेंस एग्जाम नहीं बल्कि छात्रों के फ्यूचर और सामाजिक स्थिति तय करने वाली परीक्षा माना जाता है. यही वजह है कि इसकी सुरक्षा किसी सैन्य अभियान की तरह की जाती है. 

तीन दिनों तक चलती है गाओकाओ परीक्षा 

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गाओकाओ परीक्षा आमतौर पर हर साल 7 से 10 जून के बीच आयोजित होती है. यह परीक्षा कई दिनों तक चलती है, जिसमे चीनी भाषा, मैथ्स, विदेशी भाषा और सब्जेक्ट आधारित विषयों के पेपर शामिल होते हैं. परीक्षा के दौरान कई शहरों में ट्रैफिक तक रोक दिया जाता है ताकि छात्र समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकें. 

पेपर तैयार करने की प्रक्रिया होती है बहुत गोपनीय 

गाओकाओ के प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय मानी जाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, परीक्षा से करीब 3 महीने पहले चुनिंदा वरिष्ठ शिक्षकों और एक्सपर्ट्स को पेपर डिजाइन करने के लिए चुना जाता है. इसके बाद उन्हें बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग स्थान पर यहां तक की मिलिट्री कैंप जैसी जगह पर रखा जाता है. इस दौरान उनके फोन, इंटरनेट और बाहरी संपर्क पर पूरी तरह रोक रहती है. उन्हें गोपनीयता बनाए रखने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है. प्रश्न पत्र को मल्टी लेयर इंक्रिप्शन और हाई सिक्योरिटी सिस्टम के जरिए तैयार किया जाता है. 

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जेल में प्रिंट होते हैं प्रश्नपत्र 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गाओकाओ के प्रश्न पत्र चीन के शिक्षा मंत्रालय और नेशनल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ स्टेट सीक्रेट्स प्रोटेक्शन की निगरानी में जेलों के अंदर प्रिंट किए जाते हैं. जहां पेपर प्रिंटिंग का काम होता है, वहां 24 घंटे कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की निगरानी रहती है. प्रिंटिंग से जुड़े कर्मचारियों को भी अलग-अलग स्थान पर रखा जाता है और उन पर लगातार नजर रखी जाती है. सुरक्षा का स्तर इतना सख्त होता है कि इसे कई बार बैंक नोट छापने वाली सुरक्षा से भी ज्यादा मजबूत पाया बताया जाता है.

परीक्षा केंद्रों पर एआई और फेस रिकॉग्निशन की निगरानी 

गाओकाओ परीक्षा के दौरान केंद्रों पर हाईटेक सिक्योरिटी व्यवस्था लागू रहती है. छात्रों की पहचान के लिए फेस रिकॉग्निशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा मेटल डिटेक्टर, मोबाइल जैमर और एआई आधारित कैमरे परीक्षा हॉल की निगरानी करते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि परीक्षा के दौरान एआई कंपनी अपने सवाल जवाब वाले फीचर्स को अस्थाई रूप से बंद कर देती है, ताकि कोई छात्र तकनीक का इस्तेमाल न कर सकें.

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