नेपाल में हुए विमान हादसे ने दुनिया की नजर फिर से प्लेन क्रैश के आंकड़ों की तरफ खींची है. नेपाल हादसे में अब तक 64 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 4 लोग अभी भी लापता हैं. वहीं इस हादसे का शिकार हुए प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिल गया, जिसकी मदद से अब हादसे का पता लगाया जाएगा. आज हम आपको दुनिया में होने वाले विमान हादसों के कुछ आंकड़े बताएंगे और यह भी बताएंगे कि उन हादसों में कितने लोगों ने अपनी जान गवाई. इसके साथी हम आपको यह भी बताएंगे कि विमान हादसों के मामले में कौन सा देश किस नंबर पर है.
सबसे ज्यादा हादसे कब होते हैं
यह एक बड़ा सवाल है. जब भी कोई विमान हादसा होता है तो इसके पीछे का कारण सबसे पहले जानने की कोशिश होती है. आपको बता दें कि दैनिक भास्कर अखबार में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में होने वाले ज्यादातर हादसों में से आधे टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान होते हैं. यह बात साल 1983 से लेकर अब तक के विमान हादसों के आंकड़ों के अध्ययन से पता चला है. वहीं 80 फ़ीसदी हादसों की वजह मानवीय चूक रही है. जबकि करीब 53 फ़ीसदी हादसों में पायलट की गलती पाई गई.
अमेरिका की स्थिति सबसे खराब
अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 90 के दशक में लगभग एक लाख उड़ानों में नौ विमान क्रैश हो रहे थे. इस संख्या में आज कमी आई है और यह 7 तक पहुंची है. इसके साथ ही हम आपको बता दें हादसों का शिकार होने वाले ज्यादातर विमान निजी एयरलाइन के होते हैं. पीएसबीआर के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 1945 से लेकर 2022 तक के विमान हादसों में अमेरिका अव्वल नंबर पर है. यहां कुल 864 विमान हादसे हुए हैं. जबकि दूसरे नंबर पर रूस है जहां 539 विमान हादसे हुए हैं. वहीं भारत इसमें 9वें नंबर पर है जहां अब तक 95 विमान हादसे हुए हैं.
विमान हादसों में कितनी मौतें हुईं
विमान हादसों में हर साल कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं. आज हम आपको साल 2000 से लेकर 2022 तक होने वाले विमान हादसों में मरने वालों की संख्या बता रहे हैं. भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 22 सालों में विमान हादसे में मरने वालों की संख्या पर नजर डालें तो यह 21668 है.
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