संयुक्त राष्ट्र ने ईरान को एक बार फिर कठघरे में खड़ा किया है. संगठन का कहना है कि 2025 की शुरुआत से अब तक ईरान में कम से कम 841 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है. यूनाइटेड नेशंस का आरोप है कि ईरानी हुकूमत फांसी को केवल अपराध पर लगाम लगाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों में डर और खामोशी फैलाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है.
मानवाधिकार मामलों पर नजर रखने वाले संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि इस साल की पहली छमाही में ईरान ने जिस रफ्तार से लोगों को फांसी दी है, वह बेहद चौंकाने वाली है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर कौन सा देश सबसे ज्यादा सजा-ए-मौत देता है? चलिए जानें.
2024 में कितने लोगों को हुई फांसी
दुनिया में मौत की सजा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट बताती है कि साल 2024 में पूरी दुनिया में कम से कम 1518 लोगों को फांसी दी गई. यह संख्या चौंकाने वाली इसलिए है क्योंकि 2023 के मुकाबले इसमें 32% की बढ़ोतरी देखी गई थी. रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि मौत की सजा लागू करने वाले देशों की संख्या घटकर 15 रह गई है. यानी दुनिया में ज्यादातर देश इस सख्त सजा से दूर हो रहे हैं, लेकिन कुछ देश अब भी लगातार इसे लागू कर रहे हैं.
ईरान बना नंबर-वन, महिलाओं को भी फांसी
इन आंकड़ों में ईरान सबसे आगे है. साल 2024 में वहां 972 लोगों को फांसी दी गई थी, जिनमें 30 महिलाएं भी शामिल थीं. साल 2023 में यह आंकड़ा 853 था, यानी केवल एक साल में करीब 14% की बढ़ोतरी हुई.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल अपराध रोकने के लिए नहीं, बल्कि सरकार विरोधी आवाजों और आंदोलनकारियों को डराने की रणनीति का हिस्सा है.
ईरानी एक्टिविस्ट रोया बोरौमंद के मुताबिक, हाल के वर्षों में महिलाओं को भी तेजी से निशाना बनाया गया है. 2022 में 12 और 2023 में 25 महिलाओं को फांसी दी गई थी. ज्यादातर मामलों में उन्हें ड्रग्स तस्करी या शासन विरोधी गतिविधियों के आरोपों में सजा दी गई.
सऊदी अरब और इराक भी पीछे नहीं
ईरान के बाद सऊदी अरब में 345 और इराक में 63 लोगों को मौत की सजा दी गई. यहां भी नशीली दवाओं की तस्करी और आतंकवाद से जुड़े मामलों में फांसी दी गई. रिपोर्ट का सबसे डराने वाला हिस्सा यह है कि ईरान और सोमालिया जैसे देशों में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को भी फांसी दी गई. यह सीधे-सीधे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन है.
चीन की तस्वीर अब भी धुंधली
रिपोर्ट के अनुसार चीन की असली तस्वीर कहीं ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि दुनिया में सबसे ज्यादा फांसी चीन में दी जाती है. लेकिन वहां से कोई आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं होते हैं. चीन, वियतनाम और उत्तर कोरिया जैसे देश इस मामले में पूरी तरह गोपनीयता बरतते हैं. इतिहास गवाह है कि चीन में मौत की सजा का इस्तेमाल राजनीतिक और सामाजिक नियंत्रण के लिए लंबे समय से किया जाता रहा है.
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