Mount Huygens: धरती पर जब सबसे ऊंचे पहाड़ की बात होती है तो सबसे पहले माउंट एवरेस्ट का नाम आता है. इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 8,849 मीटर है. क्या आपने कभी सोचा है कि चांद की सबसे ऊंची चोटी कौन-सी है? कई लोगों को तो यह भी पता नहीं होता है कि चांद पर पहाड़ भी मौजूद हैं. ऐसे में चांद की सबसे ऊंची चोटी के बारे में जानना काफी दिलचस्प होगा.

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मॉन्स ह्यूजेन्स है सबसे ऊंची चोटी

अगर चांद की सबसे ऊंची चोटी के बारे में बात होती है तो मॉन्स ह्यूजेन्स का नाम सामने आता है. यह चांद की सतह पर मौजूद एक विशाल पर्वतीय क्षेत्र है, जिसकी ऊंचाई चांद के औसत सतही स्तर से करीब 5.5 किलोमीटर है. यह चोटी मोंटेस एपिंनेनस पर्वत श्रृंखला में स्थित है. हालांकि, चांद के पहाड़ों की ऊंचाई मापने का तरीका पृथ्वी से काफी अलग है. चांद पर समुद्र तल जैसी कोई रेखा नहीं होती. वैज्ञानिक इसे एक निर्धारित औसत चंद्र सतह के आधार पर मापते हैं.

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चांद पर ऐसे बने पहाड़

चांद के पहाड़ों का निर्माण धरती के हिमालय जैसे पर्वत से काफी अलग तरीके से हुआ है. बल्कि चांद पर अरबों साल पहले हुए उल्कापिंडो और क्षुद्रग्रहों की टक्कर से हुई है. इस टक्कर की वजह से चांद पर विशाल क्रेटर बने और आसपास की चट्टाने ऊपर उठ गई. चांद पर हुई प्राचिन भौगोलिक घटनाओं की वजह से वहां पर्वतों का निर्माण हुआ है. उन्हीं पर्वतों में से एक मोंटेस एपिंनेनस भी है जिसकी चोटी मॉन्स ह्यूजेन्स चांद की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है.

क्या मॉन्स ह्यूजेन्स पर चढ़ सकता है इंसान?

वैज्ञानिक हर चीज को मुमकिन बना रहे हैं. जहां आज हम चांद तक पहुंच गए है, ऐसे में यह भी संभव है कि भविष्य में मॉन्स ह्यूजेन्स की चोटी पर भी चढ़ाई की जा सके. यह इंसानों के लिए माउंट एवरेस्ट चढ़ने से भी ज्यादा मुश्किल होगा क्योंकि चांद पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है. वहीं चांद का गुरुत्वाकर्षण धरती के गुरुत्वाकर्षण से काफी अलग है, जिसकी वजह से चांद के पर्वत की चोटी पर चढ़ना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा. कई मामलों में छलांग लगाना धरती के मुकाबले चांद पर आसान होता है. लेकिन इसके साथ कई अन्य समस्याएं जैसे तापमान का बदलाव, सांस लेने में कठिनाई और गुरुत्वाकर्षण के कारण हमारे शरीर का वजन भी काफी प्रभावित होता है.

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