Eyes Colour Blue Green And Brown: महाकुंभ से कई लोग वायरल हुए हैं, इनमें कई सारे बाबा और साध्वी शामिल हैं. कुंभ से माला बेचने वाली एक 16 साल की लड़की भी वायरल हुई है, जिसका नाम है मोनालिसा. इंदौर की रहने वाली माला बेचने वाली मोनालिसा अपने नैन-नख्स के कारण सुर्खियों में आई हैं. मोनलिसा अपनी नीली आंखों के चलते वायरल हुई. वो अपने परिवार के साथ माला बेचने के लिए कुंभ में आई थीं, लेकिन यूट्यूबर्स की वजह से उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि उनको खुद को छिपाना पड़ा था. मोनालिसा अपनी आंखों की वजह से मशहूर हुई थीं. क्या आपको पता है कि मोनालिसा की तरह लोगों की आंखों का रंग नीला, भूरा या हरा क्यों होता है है. चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं.
किसकी हैं नीली आंखें
ज्यादातर लोगों की आंखों का रंग काला होता है, लेकिन कई बार ये भूरी, ग्रे, नीली और हरी भी होती हैं. नीली आंखें सुनते ही ऐश्वर्या राय, आलिया भट्ट की बेटी राहा याद आने लगती है. दरअसल आंखों के रंग का मामला इंसान के जींस पर निर्भर करता है. कई बार लोग ऐसी शिकायत करते हैं कि उनकी आंखें आम लोगों की आंखों की तरह क्यों नहीं है. ये शिकायत तो दूर नहीं की जा सकती, लेकिन इस सवाल का जवाब दिया जा सकता है.
आंखों के रंग के लिए कौन जिम्मेदार
आंखों का रंग पुतली में मैलानिन की मात्रा के हिसाब से होता है. साथ ही रंग तय करने में प्रोटीन भी एक मेन कारक होता है. आंखों का रंग नौ अलग-अलग कैटेगरी में बंटा होता है और 16 जींस होते हैं जो आंखों के साथ जुड़े होते हैं. आंखों के लिए खासतौर से दो जीन जिम्मेदार होते हैं पहला है OCA2 और दूसरा है HERC2. दोनों क्रोमोसोम 15 में होते हैं और HERC2 जीन OCA2 को कंट्रोल करता है और नीली आंखों के लिए HERC2 ही जिम्मेदार होता है. वहीं OCA2 नीली और हरी आंखों के लिए जिम्मेदार होता है.
किस वजह हुईं नीली और ग्रे आंखें
दुनियाभर में ज्यादातर लोगों की आंखों का रंग भूरा होता है, क्योंकि इनको डेवलप करने वाले जींस दुनिया में ज्यादा हैं. वहीं नीली आंखें सबसे कम मिलती हैं. माना जाता है कि करीब छह हजार से 10 हजार साल पहले इंसानी जीन में एक बदलाव हुआ था, जिसके चलते आंखों का रंग नीला हुआ. दुनिया में ग्रे आंखों वाले लोग भी हैं. इनकी आंखों में मैलानिन पिगमेंट कम होता है, इसलिए आंखें ग्रे रहती हैं. हरी आंखों की बात करें तो दुनिया में महज दो फीसदी लोगों की आखें हरे रंग की होती हैं. इनकी आंखों में मैलानिन कम होता है, इसलिए ऐसा होता है.