बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने के बाद प्रशासनिक कार्य तेज हो गए हैं. सरकार के कामकाज तेज होने के बाद बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनका आवास भी एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. दरअसल बिहार के भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड वाला सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है. 10 सर्कुलर रोड वाला सरकारी बंगला ही लंबे समय से लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके पूरे परिवार का प्रमुख ठिकाना बना रहा है. अब विभाग की ओर से उन्हें हार्डिंग रोड स्थित केंद्रीय पूल आवास नंबर-39 आवंटित किया गया है. यह आवास राबड़ी देवी को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर दिया गया है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि लालू यादव और राबड़ी देवी अब तक तो सरकारी आवास में रहते हैं लेकिन इनका असली घर कहां है.

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क्यों खाली करना होगा 10 सर्कुलर रोड वाला आवास?

बिहार में भवन निर्माण विभाग ने नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों और नेताओं को नए आवास आवंटित किए हैं. इस प्रक्रिया के तहत राबड़ी देवी का आवास बदला गया है. ऐसे में 10 सर्कुलर रोड में जहां सालों से लालू परिवार रह रहा था, यह आवास अब नए अधिकारी को दिया जाएगा. आपको बता दें कि राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार 2006 से सर्कुलर रोड में रह रहा था.

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2006 से पहले कहां रहता था लालू-राबड़ी का परिवार?

1990 में बिहार की सत्ता में पहली बार आने के बाद लालू प्रसाद यादव को पटना का सबसे फेमस सरकारी आवास 1, अणे मार्ग आवंटित हुआ था. 1997 में जब चारा घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल हुई तो लालू यादव ने इस्तीफा दे दिया था और राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री बनी थीं. वहीं राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी लालू परिवार के पास 1, अणे मार्ग वाला सरकारी आवास रहा था. यह बंगला 15 साल से ज्यादा समय तक लालू यादव और राबड़ी देवी का निवास स्थान बना रहा था. नवंबर 2005 में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने और एनडीए सरकार ने राबड़ी देवी को 1 अणे मार्ग खाली करने का आदेश जारी किया था.

कहां है लालू-राबड़ी का असली घर?

लालू यादव और राबड़ी देवी का सरकारी आवास भले ही पटना में हो लेकिन लालू प्रसाद यादव का असली घर उनके पैतृक गांव फुलवरिया जिला गोपालगंज में है. इसी गांव वाले घर में लालू यादव का जन्म हुआ था. लालू यादव का पूरा बचपन भी इसी गांव में बीता और शुरुआती पढ़ाई भी उन्होंने यहीं से की थी. फुलवरिया गांव में लालू यादव के पुराने घर में उनकी मां मरछिया देवी की प्रतिमा भी बनी हुई है. यह प्रतिमा लालू यादव ने उनकी मां की याद में बनवाई थी.  बताया जाता है कि गांव का पुराना चबूतरा जहां बैठकर लालू यादव राजनीति की शुरुआत करते थे, वह आज भी वैसा ही बना हुआ है. इसके अलावा फुलवरिया गांव में लालू यादव अपने परिवार के साथ अक्सर जाते रहते हैं.

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