इतिहासकेपन्नों में वैसे तो कई रोमांटिक कहानियां छपी हैं लेकिन आज हम आपको भारतकेअंतिमवायसराय लॉर्डलुईसमाउंटबेटनऔरउनकीप्रेमकहानीके बारे में बताएंगे. लॉर्ड लुईस माउंटबेटन भारत के अंतिम वायसराय थे और इनकी प्रेम कहानी का जिक्र इतिहास में बेहद चर्चित रहा है. आइये जानते हैं कि भारत के किस शहर में माउंटबेटन को मोहब्बत हुई थी. चलिए उनके लवस्टोरी के बारे में जानते हैं. 

राजपरिवार के सदस्य थे लॉर्ड माउंटबेटन

लॉर्ड माउंटबेटन का जन्म 25 जून 1900 को इंग्लैंड के विंडसर में हुआ था. वे एक ब्रिटिश नौसैनिक अधिकारी और राजपरिवार के सदस्य थे. बता दें कि ब्रिटिश भारत के आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन का ताल्लुक ब्रिटेन के राजघराने से था वह क्वीन विक्टोरिया के पोते थे. भारत में आजादी के बाद उन्हें गवर्नर जनरल बनाया गया था.  1922 में जब वे प्रिंस ऑफ वेल्स एडवर्ड के साथ भारत के शाही दौरे पर आए, उनकी मुलाकात एडविना सिंथिया एनिटे आश्ले से हुई. दिल्ली में हुई थी एडविना से मुलाकात

लॉर्ड लुईस माउंटबेटन की लव स्टोरी का केंद्र भारत की राजधानी दिल्ली रही. जहां उन्होंने एडविना माउंटबेटन से मुलाकात की और प्रेम की शुरुआत हुई. यह मुलाकात दिल्ली के भव्य वातावरण में हुई, जहां शाही आयोजनों और सामाजिक समारोहों ने दोनों को करीब लाया. एडविना एक धनी और आकर्षक व्यक्तित्व वाली महिला थीं, जिन्होंने माउंटबेटन के दिल को जीत लिया.

माउंटबेटन ने एडविना से कब की थी शादी

18 जुलाई 1922 को दोनों ने शादी कर ली. उनकी शादी में आपसी समझ और स्वतंत्रता थी, जो उस समय के लिए असामान्य थी. दोनों ने एक-दूसरे को व्यक्तिगत आजादी दी, जिसके चलते उनकी जिंदगी में कई विवाद भी आए. 1947 में जब माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय नियुक्त किया गया वे और एडविना दिल्ली में वायसराय हाउस (अब राष्ट्रपति भवन) में रहने लगे. यहीं से उनकी प्रेम कहानी ने एक नया मोड़ लिया. माउंटबेटन की योजना, जिसने भारत और पाकिस्तान के विभाजन को आकार दिया में भी नेहरू के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों की भूमिका मानी जाती है. 

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