Karwa Chauth 2026: भारतीय संस्कृति में करवा चौथ के व्रत का विशेष स्थान है, जहां सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं. शाम को सोलह श्रृंगार कर पूजा-पाठ करने के बाद महिलाओं को बेसब्री से आसमान में चांद के दीदार होने का इंतजार रहता है. भौगोलिक बनावट और पृथ्वी की घुमावदार गति के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में चंद्रमा के निकलने का समय अलग-अलग होता है. ऐसे में महिलाओं के मन में यह उत्सुकता रहती है कि उनके शहर में चांद किस वक्त दिखाई देगा और देश में सबसे पहले चंद्रमा का दीदार कहां होता है.
पूर्वी राज्यों में सबसे पहले होता है चंद्रोदय
भारत के विशाल भौगोलिक विस्तार के कारण करवा चौथ का चांद सबसे पहले देश के पूर्वी छोर पर स्थित राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में दिखाई देता है. पूर्वी इलाकों में रहने वाली महिलाओं को पश्चिम के राज्यों की तुलना में काफी जल्दी चंद्रमा के दर्शन हो जाते हैं, जिसका सीधा संबंध हमारी धरती की गति और उसकी आंतरिक संरचना से जुड़ा हुआ है.
पृथ्वी का घूर्णन और पूर्व दिशा का महत्व
हमारी यह धरती पश्चिम से पूर्व दिशा की ओर लगातार घूमती रहती है. ग्रहों की इस घूर्णन गति के कारण ही आकाश में मौजूद सभी खगोलीय पिंड, जिनमें सूर्य और चंद्रमा शामिल हैं, हमेशा पूर्व दिशा से ही उदय होते हुए नजर आते हैं. जब पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है, तो इसका सबसे पहला हिस्सा अंतरिक्ष में सूर्य या चंद्रमा के सामने आता है, जिससे वहां दिन और रात की शुरुआत सबसे पहले होती है.
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देश के पूर्वी छोर की भौगोलिक स्थिति
अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्य देश के पूर्वी हिस्से में स्थित हैं. देशांतर रेखाओं के नक्शे पर नजर डालें तो ये इलाके पश्चिमी राज्यों की अपेक्षा पूर्व में काफी आगे हैं. इसी वजह से जब रात ढलती है, तो पृथ्वी की गति के कारण पूर्वी राज्यों का आसमान चंद्रमा के ठीक सामने सबसे पहले आ जाता है, और देश के अन्य हिस्सों की तुलना में यहां चंद्रोदय जल्दी हो जाता है.
पूर्वी राज्यों में चंद्रमा जल्दी निकलने का वक्त
जिस प्रकार अरुणाचल प्रदेश को भारत में उगते सूरज की भूमि कहा जाता है क्योंकि सुबह की सबसे पहली धूप देश में सबसे पहले वहीं पहुंचती है, ठीक उसी वैज्ञानिक नियम के तहत रात के समय चंद्रमा की किरणें भी सबसे पहले इन्हीं पूर्वी क्षेत्रों पर पड़ती हैं. इसके बाद जैसे-जैसे पृथ्वी पश्चिम की ओर घूमती जाती है, देश के बाकी शहरों में चंद्रमा के निकलने का क्रम आगे बढ़ता जाता है.
प्रमुख महानगरों में चांद दिखने की टाइमिंग
देश के विभिन्न बड़े शहरों में चंद्रमा के निकलने के समय में अंतर देखने को मिलता है. उदाहरण के लिए, कोलकाता और पटना जैसे पूर्वी शहरों में रात करीब 7:47 से 7:48 बजे के आसपास चांद के दीदार हो जाते हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के कानपुर और वाराणसी में रात 8:05 बजे तथा पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रात 8:14 बजे के आसपास चंद्रमा आसमान में नजर आता है.
राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों का हाल
देश की राजधानी नई दिल्ली तथा इससे सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में करवा चौथ की रात को चंद्रमा लगभग 8:17 बजे के आसपास निकलता है. इसके थोड़ी देर बाद पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहर चंडीगढ़ में रात 8:18 बजे चांद के दर्शन होते हैं, जिसके बाद महिलाएं अपना कठिन निर्जला उपवास खोलकर अपने व्रत को पूर्ण करती हैं.
मध्य और पश्चिमी भारत में चंद्रोदय का समय
देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ने पर चंद्रमा के निकलने का समय और आगे खिसक जाता है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रात 8:33 बजे तथा ऐतिहासिक शहर जयपुर में रात 8:31 बजे चांद निकलता है. इसके अलावा दक्षिणी भारत के प्रमुख महानगर बेंगलुरु में रात 8:51 से 8:55 बजे के बीच और पश्चिमी छोर पर बसे गुजरात के अहमदाबाद में रात 8:53 बजे चांद दिखाई देता है.
मुंबई और हैदराबाद में कब निकलेगा चांद
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में करवा चौथ के चांद का दीदार रात 8:41 बजे होता है. वहीं देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई शहर में भौगोलिक दूरी और सबसे पश्चिमी छोर पर स्थित होने के कारण रात ठीक 9:00 बजे सबसे अंत में चंद्रमा के दर्शन होते हैं, जिसके बाद पूरे देश में करवा चौथ का यह पावन पर्व उल्लास के साथ संपन्न हो जाता है.
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