India Pakistan Democracy: 1947 में भारत और पाकिस्तान दोनों एक साथ ब्रिटिश शासन से आजाद हुए और दोनों देशों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाने का फैसला किया. लेकिन आज, करीब आठ दशक बाद, दोनों देशों के लोकतंत्र की तस्वीर बिल्कुल अलग है. भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में जाना जाता है, जहां 1947 से अब तक लगातार निर्वाचित सरकारें रही हैं. वहीं पाकिस्तान का इतिहास बार-बार सैन्य शासन और लोकतंत्र के बीच झूलता रहा है. यह फर्क समझना जरूरी है क्योंकि यह बताता है कि संस्थाओं की मजबूती किसी देश के भविष्य को कैसे तय करती है.
संस्थागत मजबूती: कहां है असली फर्क?
भारत की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि यहां चुनाव आयोग, न्यायपालिका और सेना तीनों ने अपनी-अपनी सीमाओं में रहकर काम किया है. भारतीय सेना ने कभी सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश नहीं की, और नागरिक सरकार का सेना पर पूरा नियंत्रण रहा है. इसके उलट, पाकिस्तान ने तीन बार सीधे सैन्य शासन का सामना किया, जिसमें सबसे हालिया दौर 2008 में खत्म हुआ, लेकिन उसके बाद भी सेना का विदेश और सुरक्षा नीति के साथ-साथ अर्थव्यवस्था पर भी काफी असर बना रहा.
यहां तक कि 2024 के चुनावों में भी पाकिस्तान में प्रतिस्पर्धी बहुदलीय व्यवस्था के तहत नियमित चुनाव तो हुए, लेकिन सेना का सरकार बनाने और नीतियों पर जबरदस्त प्रभाव देखा गया. इससे साफ पता चलता है कि भारत में लोकतांत्रिक संस्थाएं जितनी स्वतंत्र और मजबूत हैं, पाकिस्तान में उतनी नहीं रह पाईं.
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आम जनता का भरोसा और भारत की असली ताकत
भारत की सबसे बड़ी खूबी सिर्फ यह नहीं कि यहां चुनाव होते हैं, बल्कि यह है कि सत्ता का हस्तांतरण हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से हुआ है, चाहे कोई भी पार्टी जीते. संविधान, स्वतंत्र न्यायपालिका, प्रेस की आजादी और नागरिक अधिकार ये सब मिलकर भारत के लोकतंत्र को टिकाऊ बनाते हैं. पाकिस्तान में स्थिति अलग है.
2024 के डेमोक्रेसी परसेप्शन इंडेक्स के अनुसार लगभग 80% पाकिस्तानी मानते हैं कि लोकतंत्र जरूरी है, लेकिन सिर्फ 40% के आसपास लोग ही मानते हैं कि देश वास्तव में लोकतांत्रिक है, जो 2022 के मुकाबले 10% की गिरावट है. यह आंकड़ा खुद बताता है कि पाकिस्तानी जनता का अपनी व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है. भारत की खूबी यही है कि यहां सत्ता जनता के हाथ में है, संस्थाएं स्वतंत्र हैं, और लोकतंत्र सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि व्यवहार में भी जीवित है यही चीज भारत को पाकिस्तान से अलग बनाती है.
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