मरने के बाद क्या होता है, इंसान के शरीर में सबसे पहले क्या बदलता है?

Body After Death: मौत का मतलब शरीर की सभी गतिविधियों का तुरंत रुक जाना नहीं होता है. यह शरीर में कई बायोलॉजिकल और केमिकल बदलावों की शुरुआत होती है. ये बदलाव एक तय समय सीमा में होते हैं. शुरुआत में मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और त्वचा का रंग फीका पड़ने लगता है, इसके बाद शरीर ठंडा होने लगता है. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.
मौत के तुरंत बाद शरीर की मांसपेशियां अपना तनाव खो देती हैं. इसकी वजह से जबर खुला रह सकता है, पलकें ढीली पड़ सकती हैं और जोड़ लचीले हो सकते हैं.
मौत के लगभग 15 से 20 मिनट बाद त्वचा का रंग फीका पड़ने लग सकता है. ऐसा इस वजह से होता है क्योंकि दिल धड़कना बंद कर देता है. इससे शरीर की छोटी रक्त वाहिका में खून का बहाव रुक जाता है.
ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने के बाद कोशिका में केमिकल बदलाव होने लगते हैं. उसके बाद वे ज्यादा एसिडिक हो जाती हैं. कोशिकाओं के अंदर पहले से मौजूद एंजाइम खुद कोशिकाओं को तोड़ने लगते हैं.
एल्गोर मॉर्टिस नाम की प्रक्रिया से मौत के बाद शरीर का तापमान गिरने लगता है. आम हालातों में शरीर का तापमान हर घंटे लगभग 0.84 डिग्री सेल्सियस कम हो सकता है.
मौत के लगभग तीन से चार घंटे के बाद ग्रेविटी की वजह से खून शरीर के निचले हिस्से में जमा होने लगता है. इस प्रक्रिया को लीवर मॉर्टिस कहते हैंकि इससे पेट या फिर शरीर के निचले हिस्से का रंग बैंगनी या नीला दिख सकता है.
मौत के लगभग तीन से चार घंटे के बाद केमिकल बदलाव और एटीपी खत्म होने की वजह से मांसपेशियां अकड़ने लगती हैं. यह अकड़न आम तौर पर 12 से 24 घंटे के बीच सबसे ज्यादा होती है.
मौत के बाद त्वचा धीरे-धीरे नमी खो देती है और सिकुड़ जाती है. इससे बाल और नाखून लंबे लग सकते हैं. लेकिन असल में वे बढ़ते नहीं रहते.
लगभग 24 से 72 घंटे से ज्यादा समय के बाद शरीर में प्राकृतिक रूप से मौजूद बैक्टीरिया ऊतकों को तोड़ने लगते हैं. जैसे-जैसे सड़ने गलने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है शरीर के अंदर गैस जमा होने लगती हैं. इससे सूजन आती है.