Silver Import India: केंद्र सरकार ने भारत में चांदी के आयात से जुड़े नियमों को और भी सख्त कर दिया है. अब 99.9% शुद्ध चांदी की बार, कच्ची चांदी, चांदी का पाउडर और सोने या फिर प्लैटिनम की परत चढ़ी चांदी के इंपोर्ट के लिए सरकार से पहले मंजूरी लेनी होगी. इन नई पाबंदियों के बीच लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि विदेश से भारत में कानूनी तौर पर कितने चांदी लाई जा सकती है. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

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भारत में चांदी कौन ला सकता है?

भारतीय कस्टम नियम 2026 के तहत सिर्फ भारतीय मूल के यात्रियों या फिर जिनके पास वैध भारतीय पासपोर्ट है उन्हें ही भारत में 10 किलोग्राम तक चांदी लाने की इजाजत है. हालांकि यह सुविधा तभी मिलती है जब यात्री विदेश में लगातार 6 महीने रहा हो. इस दौरान भारत की 30 दिनों तक की छोटी यात्रा को कुल अवधि की गिनती करते समय आमतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

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कस्टम ड्यूटी के नियम क्या हैं?

चांदी आम ड्यूटी फ्री बैगेज भत्ते के दायरे में नहीं आती है. भारत में लाई गई चांदी की पूरी मात्रा पर कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती है. चांदी की बार, बुलियन या फिर सिक्के लाने वाले यात्रियों को हवाई अड्डे पर अमेरिकी डॉलर या फिर यूरो जैसी बदली जा सकने वाली विदेशी मुद्रा में ड्यूटी चुकानी होती है. अगर यात्री 6 महीने विदेश में रहने की शर्त पूरी नहीं करता है तो उस पर लगने वाले टैक्स का बोझ काफी बढ़ सकता है और कुछ मामलों में यह लगभग 36% तक पहुंच सकता है. 

चांदी पर कोई आम बैगेज छूट नहीं 

सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को मिलने वाला ₹75000 का ड्यूटी फ्री बैगेज भत्ता चांदी के बुलियन, बार या फिर सिक्कों पर लागू नहीं होता. इसका मतलब है कि चांदी को बैगेज की सीमा में शामिल करके कस्टम ड्यूटी से नहीं बचा जा सकता.

चांदी के गहनों के लिए नियम 

निजी इस्तेमाल के लिए लाए गए चांदी के गहनों पर अलग से छूट दी जाती है. विदेश में कम से कम 1 साल रहने के बाद लौटने वाले यात्री सीमित मात्रा में चांदी के गहने बिना ड्यूटी चुकाए ला सकते हैं. महिला यात्रियों को 40 ग्राम तक के गहने बिना ड्यूटी चुकाए लाने की इजाजत है. इसी तरह पुरुष यात्री 20 ग्राम तक के गहने ला सकते हैं.

हवाई अड्डे पर क्या करना होगा? 

चांदी लाने वाले यात्रियों को भारतीय हवाई अड्डे पर रेड चैनल का इस्तेमाल करना होगा और कस्टम घोषणा फॉर्म में इस कीमती धातु की जानकारी देनी होगी. कस्टम अधिकारी सरकारी टैरिफ मूल्य के हिसाब से लागू ड्यूटी की गिनती करने के लिए खरीद का असली बिल भी मांग सकते हैं. 

भारतीय सीमा शुल्क अधिकारियों ने यह चेतावनी दी है कि चांदी को छिपाना या फिर इसकी घोषणा न करना तस्करी माना जाएगा. ऐसा करते पकड़े जाने पर चांदी को जब्त किया जा सकता है, जुर्माना लगाया जा सकता है और यात्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.

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