Mineral Resources India: भारत की धरती के नीचे बहुत बड़ा खनिज भंडार छुपा हुआ है, जो देश की अर्थव्यवस्था और उद्योगों की रीढ़ माना जाता है. सरकार के खान मंत्रालय और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के अनुसार भारत में लगभग 95 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, जिनमें धातु, गैर-धातु, ईंधन और परमाणु खनिज शामिल हैं.

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अगर कुल रिजर्व की बात करें तो भारत में कुछ प्रमुख खनिजों के अनुमानित भंडार इस प्रकार हैं:

  • कोयला:लगभग 361 अरब टन (Billion tonnes) संसाधन
  • लोहा (Iron Ore): लगभग  33 अरब टन
  • बॉक्साइट: लगभग 3.9 अरब टन
  • मैंगनीज: लगभग 340 मिलियन टन
  • चूना पत्थर: लगभग 203 अरब टन

ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत खनिज संपदा के मामले में दुनिया के मजबूत देशों में शामिल है.

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सोना, कॉपर और चांदी जैसे कीमती खनिजों की स्थिति

भारत में सोने (Gold) का भंडार बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन फिर भी यह महत्वपूर्ण है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 70.1 टन (tonnes) सोने का confirmed reserve मौजूद है, जबकि कुल संसाधन और अधिक क्षेत्रों में फैले हुए हैं. सोने का सबसे बड़ा उत्पादन कर्नाटक के हुट्टी क्षेत्र में होता है, जहां भारत का मुख्य gold mine काम करता है.

वहीं अगर कॉपर (Copper) की बात करें तो भारत के पास लगभग 1.66 अरब टन copper ore resources मौजूद हैं, जिनमें से लगभग 16.3 करोड़ टन (163 million tonnes) को reserves माना जाता है. साथ ही कॉपर का इस्तेमाल बिजली के तार, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और मशीनों में होता है, इसलिए यह बहुत जरूरी धातु मानी जाती है.

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यूरेनियम और ऊर्जा देने वाले खनिज

भारत में यूरेनियम (Uranium) का उपयोग परमाणु ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है. यह खनिज मुख्य रूप से झारखंड (जादूगोड़ा), आंध्र प्रदेश और राजस्थान में पाया जाता है. इसके अलावा भारत के पास एक और बहुत बड़ा ऊर्जा खजाना है जैसे थोरियम (Thorium). भारत दुनिया में थोरियम के सबसे बड़े भंडार वाले देशों में से एक है और यह मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु और ओडिशा के समुद्री इलाकों की रेत में पाया जाता है. यह खनिज भारत को भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता रखते हैं.

भारत का खनिज खजाना क्यों है इतना खास?

आज पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक गाड़ियों, मोबाइल, बैटरी और नई टेक्नोलॉजी के लिए खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत के पास मौजूद ये प्राकृतिक संसाधन आने वाले समय में देश को बड़ी आर्थिक ताकत बना सकते हैं. लेकिन साथ ही एक बड़ी चुनौती भी है इन खनिजों का खनन करते समय पर्यावरण और जंगलों की सुरक्षा. इसलिए सरकार अब “सस्टेनेबल माइनिंग” यानी सुरक्षित खनन पर ज्यादा ध्यान दे रही है. अगर इन संसाधनों का सही इस्तेमाल किया जाए, तो भारत आने वाले समय में दुनिया के सबसे बड़े खनिज और ऊर्जा केंद्रों में शामिल हो सकता है. 

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