Ethanol Production: आजकल भारत में पेट्रोल के साथ एथेनॉल मिलाने की बात बहुत हो रही है. सरकार चाहती है कि गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल में ज्यादा से ज्यादा एथेनॉल मिलाया जाए, ताकि तेल के आयात पर खर्च कम हो और किसानों को भी फायदा मिले. इसी वजह से लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर भारत में सबसे ज्यादा एथेनॉल कौन सा राज्य बनाता है. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी कि इसमें कौन सा राज्य सबसे आगे है.
महाराष्ट्र है नंबर वन
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2025 तक भारत की सालाना एथेनॉल बनाने की क्षमता करीब 1,822 करोड़ लीटर है, और इस काम में देश भर की 499 डिस्टिलरी लगी हुई हैं. इनमें से 396 करोड़ लीटर एथेनॉल बनाने की क्षमता के साथ महाराष्ट्र सबसे ऊपर है. इसका कारण है कि महाराष्ट्र में गन्ने की खेती बहुत ज्यादा होती है, और गन्ने से बनने वाले रस से एथेनॉल तैयार किया जाता है. यही वजह है कि यह राज्य एथेनॉल बनाने में सबसे आगे निकल गया है. साथ ही महाराष्ट्र में चीनी मिलें भी बहुत हैं, और यही चीनी मिलें एथेनॉल बनाने का भी काम करती हैं.
महाराष्ट्र के बाद 331 करोड़ लीटर की क्षमता के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है. उत्तर प्रदेश में भी गन्ने की खेती बहुत होती है, इसलिए वहां भी एथेनॉल बनाने का काम तेजी से बढ़ रहा है. और उसके बाद 270 करोड़ लीटर के साथ कर्नाटक तीसरे नंबर पर आता है, जहां पर गन्ने के साथ-साथ अनाज से भी एथेनॉल बनाया जाता है.
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अब मक्के से भी बन रहा है ज्यादा एथेनॉल
एक और दिलचस्प बात यह है कि अब सिर्फ गन्ने से ही नहीं, बल्कि मक्के से भी बड़ी मात्रा में एथेनॉल बनाया जा रहा है. आंकड़ों के अनुसार, एथेनॉल सप्लाई वर्ष 2025-26 के पहले छह महीनों में देश में कुल एथेनॉल की सप्लाई करीब 515 करोड़ लीटर तक पहुंच गई, जिसमें अनाज आधारित डिस्टिलरियों ने लगभग 333 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई की, और इसमें मक्के से बने एथेनॉल का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा. इसका मतलब है कि जिन राज्यों में मक्के की खेती ज्यादा होती है, जैसे मध्य प्रदेश और बिहार, वहां भी एथेनॉल बनाने का काम तेजी से बढ़ रहा है.
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