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कैसे तय होती है किसी शिप की नागरिकता? जान लें अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियम

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कविता गाडरी   |  18 Mar 2026 03:06 PM (IST)

समुद्र में चलने वाले किसी भी जहाज की असली पहचान उसके नाम या मालिक से नहीं बल्कि उसके झंडे से तय होती है. जहाज जिस देश में रजिस्टर होता है, वहीं उसका फ्लैग स्टेट कहलाता है.

कैसे तय होती है किसी शिप की नागरिकता? जान लें अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियम

कैसे तय होती है शिप की नागरिकता?

आज यानी 18 मार्च को अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर बमबारी की है. हमले को लेकर अमेरिका का कहना है कि यह ठिकाने अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बना रहे थे. आपको बता दें कि अमेरिका ने 5000 पाउंड यानी करीब 23 क्विंटल वजन वाले बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया है. वहीं अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद इस क्षेत्र में जहाज की आवाजाही, सुरक्षा और पहचान को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.

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वहीं, पिछले कुछ समय से यह मुद्दा भी चर्चा में है कि समुद्र में चलने वाले जहाज की असली पहचान क्या होती है और उन्हें किस आधार पर किसी देश से जोड़ा जाता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि किसी शिप की नागरिकता कैसे तय होती है और इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियम क्या कहते हैं. ये भी पढ़ें-किन-किन देशों से हथियार खरीदता है अफगानिस्तान, क्या वह पाकिस्तान पर पड़ सकता है भारी?

झंडे से होती है शिप की पहचान  

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समुद्र में चलने वाले किसी भी जहाज की असली पहचान उसके नाम या मालिक से नहीं बल्कि उसके झंडे से तय होती है. जहाज जिस देश में रजिस्टर होता है, वहीं उसका फ्लैग स्टेट कहलाता है और वहीं उसकी कानूनी नागरिकता भी निर्धारित करता है. इसका मतलब है कि अगर किसी जहाज का नाम भारतीय है या उसमें भारतीय नाविक सवार है, तब भी वह जरूरी नहीं कि भारत का जहाज माना जाए. अगर वह जहाज किसी दूसरे देश में रजिस्टर्ड है और इस देश का झंडा लगा है रहा है तो इंटरनेशनल कानून के अनुसार वह उसी देश का जहाज होगा.

क्या कहते हैं अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियम?

जहाज की नागरिकता से जुड़ा यह नियम नया नहीं है. इसे सबसे पहले 1958 के जिनेवा कन्वेंशन में स्पष्ट किया गया था, जिसे बाद में 1982 के समुद्री कानून सम्मेलन में विस्तार से परिभाषित किया गया है. इन नियमों के अनुसार हर जहाज का किसी एक देश में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और जहाज केवल उसी देश का झंडा लगा सकता है, जहां उसका रजिस्ट्रेशन हुआ है. इसके अलावा उस जहाज पर उसी देश के कानून भी लागू होंगे. साथ ही जहाज की सुरक्षा, निरीक्षण और संचालन की जिम्मेदारी भी उसी देश की होती है.

बिना रजिस्ट्रेशन वाले जहाज का क्या होता है?

अगर कोई जहाज बिना किसी देश में रजिस्टर हुए समुद्र में चलता है तो उसे स्टेटलेस वेसल कहा जाता है. ऐसे जहाज को इंटरनेशनल कानून के तहत किसी भी देश की नौसेना रोक सकती है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकती है. वहीं एक सवाल ज्यादातर उठता है कि क्या किसी देश के पास समुद्र का होना जरूरी है, ताकि वह जहाजों को रजिस्टर करा सके, तो इसे लेकर इंटरनेशनल कानून कहता है कि कोई भी देश जहाज को रजिस्टर कर सकता है, चाहे उसके पास समुद्री तट हो या नहीं. 

ये भी पढ़ें-Oil Wells India: भारत के किस राज्य में तेल के सबसे ज्यादा कुएं, इनसे निकलने वाले तेल पर किसका अधिकार?

Published at: 18 Mar 2026 03:06 PM (IST)
Tags:ship flag state meaninghow ship nationality is determinedmaritime law ship rulesinternational shipping regulations
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