यूरोप के कई हिस्सों खासतौर से फ्रांस और स्पेन में जंगलों की भयंकर आग ने हाहाकार मचा रखा है. भीषण गर्मी और प्रचंड लपटों के बीच में अब एक नए और भयावह प्राकृतिक खतरे ने दस्तक दे दी है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में फायर क्वाउड कहा जाता है. यह खतरनाक बादल फ्रांस में लगी आग को और भड़काने का काम कर रहा है, जिससे प्रभावित इलाकों के करीब 2.5 लाख लोगों को अपना छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा है. चलिए जानते हैं कि आग का यह बादल क्या होता है और यह किस तरह के नए खतरे को जन्म देता है.

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विनाशकारी आग से पलायन की स्थिति

यूरोप के जंगलों में भीषण आग की वजह से फ्रांस और स्पेन के कई शहर, गांव और प्राकृतिक इलाके बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. आग का फैलाव इतना ज्यादा है कि खतरे के मद्देनजर प्रशासन ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाकर लगभग 2.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. फ्रांस के Bordeaux क्षेत्र के ऊपर बने विशालकाय फायर क्वाउड ने हालात को और ज्यादा नाजुक बना दिया है. यह आग तेजी से ग्रामीण इलाकों को भी अपनी चपेट में ले रही है.

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क्या होता है फायर क्वाउड?

फायर क्लाउड को विज्ञान की भाषा में पाइरोक्यूम्यूलोनिम्बस कहा जाता है, एक बहुत ऊंचा और विशालकाय तूफान पैदा करने वाला बादल है जो जमीन पर लगी प्रचंड आग के ठीक ऊपर बनता है. जब जंगलों में बहुत तेजी से आग जलती है, तो बहुत अधिक गर्म हवा, धुएं का गुबार, राख के कण और जल-वाष्प एक साथ बहुत तेज गति से ऊपर आसमान की ओर उठते हैं. यह प्रक्रिया किसी विशाल चिमनी जैसी लगती है. जैसे-जैसे यह गर्म हवा वायुमंडल की ऊपरी ठंडी परतों में पहुंचती है, वहां मौजूद नमी राख के छोटे-छोटे कणों के साथ जमने लगती है और एक विशाल मशरूम के आकार का खतरनाक बादल तैयार हो जाता है.

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आग से बना लेते हैं खुद का मौसम

जब जमीन के पास अत्यधिक गर्मी के कारण हवा गर्म होकर हल्की होती है, तो वह बहुत तेज रफ्तार से ऊपर की ओर भागती है. ऊपर पहुंचकर जब यह ठंडी हवा से मिलती है, तो पानी की बूंदों के साथ बर्फ के बारीक कण बनने लगते हैं. इन कणों के आपस में टकराने से हवा में विद्युत आवेश यानी बिजली पैदा होती है, ठीक वैसे ही जैसे आम तूफानी बादलों में होती है. इसके अलावा, इस बादल के अंदर उठने वाली गर्म हवा और नीचे की ओर गिरने वाली ठंडी हवा आपस में मिलकर बेहद शक्तिशाली तूफानी थपेड़े पैदा करती हैं, जिससे आग की दिशा अचानक बदलने लगती है.

सामान्य धुएं से कितना अलग है फायर क्वाउड?

सामान्य तौर पर जंगलों की आग से उठने वाला धुआं केवल हवा के रुख के साथ बहता चला जाता है और कुछ समय बाद छंट जाता है, लेकिन फायर क्लाउड ऐसा नहीं करता है. हर आग से यह बादल नहीं बन सकता; इसके लिए अत्यधिक गर्मी, बहुत ज्यादा सूखापन और ऊपरी वातावरण में सही मात्रा में ठंडक व नमी की जरूरत होती है. सामान्य धुएं के विपरीत फायर क्लाउड एक जीवित मौसम तंत्र की तरह काम करने लगता है. यह अपने आसपास खुद की तेज हवाएं, भयंकर बवंडर और बिजली पैदा करने की क्षमता रखता है, इसलिए इसे केवल धुआं न मानकर आग से जन्मा तूफान कहा जाता है.

फायर क्वाउड बनने से क्या होती हैं दिक्कतें?

फायर क्लाउड बनने के बाद सबसे बड़ा संकट जमीन पर राहत और बचाव कार्य में लगे अग्निशमन कर्मियों के लिए पैदा होता है. इस बादल से निकलने वाले अनियंत्रित और तेज हवा के झोंके जमीन पर लगी लपटों को किसी भी दिशा में तेजी से मोड़ देते हैं. हवा का यह अनिश्चित रुख फायरफाइट्स के लिए जाल साबित होता है, क्योंकि उन्हें अंदाजा ही नहीं लग पाता कि आग अगला विकराल रूप किस ओर धारण करेगी. इसके कारण बचाव दल के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाले बिना लपटों पर काबू पाना लगभग असंभव सा हो जाता है.

सूखी बिजली से नई आग का खतरा

फायर क्लाउड का सबसे जानलेवा पहलू इसमें उत्पन्न होने वाली सूखी बिजली है. इस बादल में घर्षण से बनने वाली कड़कड़ाती बिजली जब मुख्य आग से कई किलोमीटर दूर सूखी घास, झाड़ियों या पेड़ों पर गिरती है, तो पल भर में नई आग भड़क उठती है. अक्सर इन बादलों से गिरने वाली बारिश की बूंदें जमीन की भीषण गर्मी के कारण नीचे पहुंचने से पहले ही हवा में भाप बनकर उड़ जाती हैं. फ्रांस के बोर्डो में भी ऐसी ही बिजली गिरने से कई जगहों पर नई लपटें उठ खड़ी हुई हैं, जिससे दमकल टीमों को एक साथ कई मोर्चों पर संघर्ष करना पड़ रहा है.

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