लैटिन अमेरिका की सियासत में अचानक हलचल मचाने वाले दावों ने दुनिया का ध्यान एक बार फिर अमेरिका की सबसे रहस्यमयी सैन्य यूनिट पर खींच लिया है. वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में डेल्टा फोर्स का नाम तेजी से उभरा है. क्या वाकई अमेरिका की यह एलीट यूनिट किसी राष्ट्राध्यक्ष तक पहुंच सकती है? और अगर हां, तो यह यूनिट आखिर काम कैसे करती है और आखिर यह कितनी खतरनाक है, आइए जान लेते हैं.
डेल्टा फोर्स क्या है?
डेल्टा फोर्स अमेरिका की सेना की सबसे एलीट और गोपनीय स्पेशल मिशन यूनिट मानी जाती है. इसका आधिकारिक नाम 1st Special Forces Operational Detachment–Delta (1st SFOD-D) है. इसे आमतौर पर डेल्टा फोर्स, द यूनिट या Combat Applications Group (CAG) भी कहा जाता है. यह यूनिट सीधे जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) के अधीन काम करती है और केवल बेहद संवेदनशील मिशनों में तैनात की जाती है.
स्थापना और प्रेरणा
डेल्टा फोर्स की स्थापना 1977 में कर्नल चार्ल्स चार्ली बेकविथ ने की थी. बेकविथ ने ब्रिटेन की स्पेशल एयर सर्विस (SAS) के साथ काम किया था और वहीं से उन्हें अमेरिका के लिए भी ऐसी ही एक टियर-1 यूनिट बनाने की प्रेरणा मिली. इसका मुख्यालय फोर्ट लिबर्टी (पूर्व में फोर्ट ब्रैग), नॉर्थ कैरोलिना में है. स्थापना के बाद से ही इस यूनिट को बेहद गोपनीय रखा गया.
चयन प्रक्रिया क्यों मानी जाती है सबसे कठिन
डेल्टा फोर्स में भर्ती पूरी अमेरिकी सेना से होती है, लेकिन ज्यादातर सैनिक आर्मी रेंजर्स और ग्रीन बेरेट्स से आते हैं. चयन प्रक्रिया इतनी सख्त होती है कि 90 प्रतिशत से ज्यादा उम्मीदवार बाहर हो जाते हैं. यहां सिर्फ शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, दबाव में निर्णय लेने की क्षमता और अकेले काम करने का आत्मविश्वास परखा जाता है. चुने गए जवानों की पहचान भी आधिकारिक दस्तावेजों में सीमित रखी जाती है.
काम करने का तरीका और खासियत
डेल्टा फोर्स का ऑपरेशन तरीका बाकी यूनिट्स से अलग होता है. इसके जवान अक्सर यूनिफॉर्म नहीं पहनते और छोटे-छोटे समूहों में काम करते हैं. इन्हें मिशन के दौरान रणनीति बदलने की पूरी आजादी होती है. यह यूनिट सर्जिकल स्ट्राइक, होस्टेज रेस्क्यू, हाई-वैल्यू टारगेट की गिरफ्तारी या निष्क्रियता और गुप्त खुफिया मिशन में माहिर मानी जाती है. शहरी इलाकों में बिना आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाए ऑपरेशन करना इसकी बड़ी पहचान है.
किन मिशनों में रही है भूमिका
डेल्टा फोर्स ने समय-समय पर कई चर्चित अभियानों में हिस्सा लिया है. इराक में सद्दाम हुसैन की तलाश, ISIS प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी के खिलाफ ऑपरेशन, सोमालिया और ग्रेनेडा में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयां- इन सब में इस यूनिट की भूमिका बताई जाती रही है. हालांकि, इसकी प्रकृति के कारण अधिकांश मिशनों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है.
कितनी खतरनाक मानी जाती है डेल्टा फोर्स
डेल्टा फोर्स को खतरनाक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह तेज, सटीक और बेहद गोपनीय तरीके से काम करती है. इसके जवान पैराशूट जंपिंग, गोताखोरी, स्नाइपिंग, विस्फोटक निष्क्रिय करने और उन्नत चिकित्सा तक में प्रशिक्षित होते हैं. दुनिया के किसी भी हिस्से में, किसी भी परिस्थिति में ऑपरेशन करने की क्षमता इसे अमेरिका की सबसे भरोसेमंद टियर-1 यूनिट बनाती है.
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