Fastest Growing Indian Billionaires: जब भी भारत के सबसे अमीर अरबपतियों की बात होती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम मुकेश अंबानी या गौतम अडानी का आता है. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पिछले तीन साल में सबसे ज्यादा संपत्ति बढ़ाने के मामले में इन दोनों दिग्गजों को एक और बड़े बिजनेसमैन ने पीछे छोड़ दिया है. हुरुन इंडिया की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 3 वर्षों में निरपेक्ष रूप से सबसे अधिक संपत्ति जिंदल परिवार ओपी जिंदल समूह की बढ़ी है. ऐसे में सवाल उठता है कि अंबानी और अडानी जैसे बड़े नाम कैसे पीछे रह गए?

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जिंदल परिवार की संपत्ति में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी

ओपी जिंदल समूह की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल और उनके परिवार ने पिछले तीन सालों में कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 3 वर्षों में जिंदल परिवार की कुल संपत्ति में 3.3 लाख करोड़ रुपये का भारी इजाफा हुआ है. इस बंपर बढ़त के साथ अब जिंदल परिवार की कुल नेटवर्थ बढ़कर 8.02 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है. स्टील, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर में मजबूत पकड़ रखने वाले इस ग्रुप के शेयरों में आई भारी तेजी इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है. 

प्रतिशत के मामले में किसने मारी बाजी?

अगर हम प्रतिशत के हिसाब से देखें, तो देश के सबसे बड़े गारमेंट एक्सपोर्टर शाही एक्सपोर्ट्स के मालिक आहूजा परिवार ने सबको चौंका दिया है. पिछले तीन सालों में आहूजा परिवार की संपत्ति में 352 प्रतिशत की तूफानी तेजी दर्ज की गई है. इस जबरदस्त उछाल के साथ उनकी कुल संपत्ति अब 37,500 करोड़ रुपये हो गई है. इस सूची में दूसरा बड़ा नाम गारवारे परिवार का है. पिछले तीन वर्षों में इनकी संपत्ति में भी 300 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इनकी नेटवर्थ 15,600 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू चुकी है. 

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टॉप 5 में क्यों नहीं मुकेश अंबानी?

इस रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तीन साल में सबसे ज्यादा संपत्ति बढ़ाने के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी टॉप-5 में भी शामिल नहीं हैं. हालांकि, मुकेश अंबानी अभी भी भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं, लेकिन अगर सिर्फ पिछले 3 साल में नई संपत्ति जोड़ने की बात की जाए, तो जिंदल परिवार और कुछ अन्य कारोबारी घरानों की ग्रोथ की रफ्तार अंबानी के मुकाबले कहीं अधिक तेज रही है. 

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क्यों बढ़ रही इन परिवारों की संपत्ति?

दरअसल, भारतीय शेयर बाजार में पिछले तीन सालों में आया उछाल इसका सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है. जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू स्टील और जेएसडब्ल्यू एनर्जी जैसी कंपनियों ने शेयर बाजार में निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है. वहीं दूसरी ओर, भारत में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर को सरकार की नीतियों से मिल रहे समर्थन के कारण शाही एक्सपोर्ट्स जैसे पारंपरिक बिजनेस तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. 

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